Pratapgarh : बिना लाइसेंस के चल रहा नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर सील, डिप्टी सीएमओ ने की कार्रवाई
कालाकांकर सीएचसी में बीसीपीएम प्रमोद मौर्य की तैनाती है। उसी अस्पताल में उनकी पत्नी बीपीएम के पद पर तैनात हैं। सरकारी अस्पताल में अपनी सेवा देने के साथ बीसीपीएम प्रमोद ने कुसुवापुर में बगैर लाइसेंस संकल्प हॉस्पिटल का संचालन करता था। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को पति और पत्नी बरगला कर अपने अस्पताल लेकर जाकर मोटा रकम लेकर इलाज करते थे।
विस्तार
कालाकांकर सीएचसी में तैनात बीसीपीएम बगैर लाइसेंस कुसुवापुर में नर्सिंग होम का संचालन करते पकड़े गए। रविवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश कुमार, अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी जांच को पहुंचे तो चार मरीज भर्ती मिले। डिप्टी सीएमओ ने बगैर लाइसेंस संचालित अस्पताल की ओटी, मेडिकल स्टोर, पैथालॉजी को सील कर दिया। कालाकांकर सीएचसी में तैनात बीसीपीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही।
कालाकांकर सीएचसी में बीसीपीएम प्रमोद मौर्य की तैनाती है। उसी अस्पताल में उनकी पत्नी बीपीएम के पद पर तैनात हैं। सरकारी अस्पताल में अपनी सेवा देने के साथ बीसीपीएम प्रमोद ने कुसुवापुर में बगैर लाइसेंस संकल्प हॉस्पिटल का संचालन करता था। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को पति और पत्नी बरगला कर अपने अस्पताल लेकर जाकर मोटा रकम लेकर इलाज करते थे।
जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने डिप्टी सीएमओ डाॅ. राजेश कुमार और अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी का जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम कुसुवापुर पहुंचकर जांच की तो अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं मिले। जबकि ऑपरेशन के बाद तीन मरीजों को भर्ती किया गया था। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल संचालक बीसीपीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एंबुलेंस बुलाए मगर मरीज जाने को नहीं हुए तैयार
संकल्प हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को कुंडा या फिर कालाकांकर अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए डिप्टी सीएमओ ने एंबुलेंस बुला लिया। मगर मरीज जाने को तैयार नहीं हुए। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि बगैर लाइसेंस संचालित अस्पताल में रायबरेली के पारी जगतपुर निवासी सितारा देवी भर्ती हैं। उनके बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ है। नवाबगंज के भवानीगंज की संजू देवी, रायबरेली के बीबीपुर की प्रियंका मौर्य का ऑपरेशन से प्रसव हुआ है। जबकि करहिया बाजार भरतपुर की रहने वाली सीमा का नार्मल प्रसव होने के बाद भर्ती किया गया है। संकल्प हॉस्पिटल में सरकारी उपकरण मिलने की चर्चा है। हालांकि डिप्टी सीएमओ इससे इन्कार कर रहे हैं
मामले की जांच चल रही है। मरीज दो दिनों के बाद डिस्चार्ज होकर घर चले जाएंगे। इसके बाद अस्पताल को पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। अस्पताल संचालक बीसीपीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। हॉस्पिटल में सरकारी अस्पताल के एक भी सामान नहीं मिला है। - राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ।