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अब आसान नहीं होगा बेसमेंट बनाना
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 20 Jan 2015 11:27 PM IST
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अब बेसमेंट बनाना आसान नहीं रहा। नक्शा विनियमित क्षेत्र कार्यालय से पास करने के लिए पहले खनन विभाग से एनओसी प्राप्त करना होगा। पूरी रायल्टी जमा करने के बाद ही विभाग यह सर्टिफिकेट देगा। इसके पहले खनन विभाग से संपर्क किए बगैर विनियमित क्षेत्र सीधे नक्शा पास कर देता था।
अब बेसमेंट बनाने का चलन तेज हो गया है। इससे खनन विभाग के नियमों की अवहेलना हो रही थी। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही थी। इसलिए नक्शा पास करने के नियमों में तब्दीली की गई। इसके तहत अब विनियमित क्षेत्र से बेसमेंट मकान का नक्शा पास कराने के पहले खनन विभाग एनओसी देगा। जमीन मालिक को बताना होगा कि वह कितना गहरा गड्ढा खोदेंगे। 14 रुपये प्रति घनमीटर के हिसाब से रायल्टी ली जाएगी।
हालांकि रायल्टी की वसूली तभी होगी जब निकाली गई मिट्टी को कहीं दूसरी जगह ले जाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति स्टांप पर यह लिख कर देता है कि वह मिट्टी को फिर उसी जगह प्रयोग करेगा तो रायल्टी नहीं जमा करनी पड़ेगी। मगर लिखित रूप से किए गए वादे के विपरीत काम करते अधिकारियों ने पकड़ा तो कुल रायल्टी का दो गुना पैसा वसूल किया जाएगा। गांवों में भी यह नियम लागू होगा।
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अब बेसमेंट बनाने का चलन तेज हो गया है। इससे खनन विभाग के नियमों की अवहेलना हो रही थी। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही थी। इसलिए नक्शा पास करने के नियमों में तब्दीली की गई। इसके तहत अब विनियमित क्षेत्र से बेसमेंट मकान का नक्शा पास कराने के पहले खनन विभाग एनओसी देगा। जमीन मालिक को बताना होगा कि वह कितना गहरा गड्ढा खोदेंगे। 14 रुपये प्रति घनमीटर के हिसाब से रायल्टी ली जाएगी।
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हालांकि रायल्टी की वसूली तभी होगी जब निकाली गई मिट्टी को कहीं दूसरी जगह ले जाया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति स्टांप पर यह लिख कर देता है कि वह मिट्टी को फिर उसी जगह प्रयोग करेगा तो रायल्टी नहीं जमा करनी पड़ेगी। मगर लिखित रूप से किए गए वादे के विपरीत काम करते अधिकारियों ने पकड़ा तो कुल रायल्टी का दो गुना पैसा वसूल किया जाएगा। गांवों में भी यह नियम लागू होगा।
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