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अब महिलाओं को घर बैठे मिलेगा इंसाफ, शिकायत मिलने पर तत्काल जाकर निस्तारण करेंगी महिला आरक्षी
Fri, 27 Aug 2021 04:08 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 04:08 PM IST
सार
जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में मिशन शक्ति कक्ष के नाम से एक कमरा होगा। यहीं पर महिला सिपाही सुबह से शाम तक बैठेंगी। पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनेंगी और इसके बाद कार्रवाई कराकर उन्हें इंसाफ दिलाएंगी।
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Now women will get justice sitting at home, on receipt of complaint, women constables will go and dispose of them immediately
विस्तार
जिले की आधी आबादी को अब किसी से डरने और परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर उन्हें किसी ने परेशान किया तो वर्दी वाली बेटियां कार्रवाई करेंगी। मिशन शक्ति के फेज-3 के तहत शनिवार से जिले में यह नई पहल शुरू होने जा रही है। माना जा रहा है कि इससे पीड़ित महिलाओं को समय से उनके घर पर ही इंसाफ मिल सकेगा। जिले में कुल 109 बीट पर महिला पुलिसकर्मी काम करेंगी।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में मिशन शक्ति कक्ष के नाम से एक कमरा होगा। यहीं पर महिला सिपाही सुबह से शाम तक बैठेंगी। पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनेंगी और इसके बाद कार्रवाई कराकर उन्हें इंसाफ दिलाएंगी। आईजी रेंज कवींद्र प्रताप सिंह खुद इस पहल को लेकर बेहद संजीदा हैं। इसके लिए जिले के 21 थानों में 109 बीट बनाई गई हैं। जिसमें दो महिला निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी व 210 महिला आरक्षियों को जिम्मेदारी दी गई है। महिला पुलिस बीट में तैनात पुलिसकर्मियों को 23 अगस्त को एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा व सीओ सिटी अभय पांडेय प्रशिक्षित कर चुके हैं।
एक बीट अफसर पर होगी चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी
मिशन शक्ति फेज-3 का आगाज बेहतर तरीके से करने के लिए सभी की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। बीट अफसर बनाई गईं महिला सिपाहियों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। एक बीट में दो महिला कांस्टेबल होंगी। एक बीट अफसर पर तीन या चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है, जहां पर वे सुबह से शाम तक बैठकर गांव की महिलाओं की समस्याएं सुनेंगी। पंचायत भवन में हाजिरी लगाने से लेकर महिलाओं की समस्याएं दर्ज करेंगी।
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पीड़ित महिलाओं को मिलेगा इंसाफ
महिला बीट अफसर पंचायत भवन के मिशन शक्ति कक्ष में बैठकर पीड़िताओं का दर्द सुनेंगी। इसके बाद वह मामले को रजिस्टर पर दर्ज कर महिला हेल्प डेस्क तक पहुंचाएंगी। महिला हेल्प डेस्क की सिपाही मामले को कोतवाल, थानेदार के सामने रखेंगी। सीओ के संज्ञान में भी मामला लाया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई कर इंसाफ दिलाया जाएगा।
पंचायत घर का कायाकल्प करने की तैयारी
प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत सचिवालय तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यहां प्रधान, सचिव, ग्राम पंचायत सहायक आदि बैठकर गांव की समस्याओं का निदान कराएंगे। इसके साथ ही अब एक कमरा महिला सिपाहियों के लिए भी आरक्षित होगा। जहां मिशन शक्ति के तहत सिपाही पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का काम करेंगी। खंड विकास अधिकारियों ने पंचायत भवन तैयार करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
मिशन शक्ति फेज-3 के तहत अच्छी पहल की शुरुआत हो चुकी है। जिले में 109 बीट बनाई गई है। एक बीट में दो महिला सिपाही होंगी। इन पर तीन से चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी। सप्ताह में एक ग्राम पंचायत में एक बार जाना जरूरी होगा। इस तरह महीने में एक ग्राम पंचायत में जाकर महिलाओं की समस्या सुनी जाएगी। -रोहित मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी/नोडल अधिकारी
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में मिशन शक्ति कक्ष के नाम से एक कमरा होगा। यहीं पर महिला सिपाही सुबह से शाम तक बैठेंगी। पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनेंगी और इसके बाद कार्रवाई कराकर उन्हें इंसाफ दिलाएंगी। आईजी रेंज कवींद्र प्रताप सिंह खुद इस पहल को लेकर बेहद संजीदा हैं। इसके लिए जिले के 21 थानों में 109 बीट बनाई गई हैं। जिसमें दो महिला निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक, तीन मुख्य आरक्षी व 210 महिला आरक्षियों को जिम्मेदारी दी गई है। महिला पुलिस बीट में तैनात पुलिसकर्मियों को 23 अगस्त को एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा व सीओ सिटी अभय पांडेय प्रशिक्षित कर चुके हैं।
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एक बीट अफसर पर होगी चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी
मिशन शक्ति फेज-3 का आगाज बेहतर तरीके से करने के लिए सभी की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। बीट अफसर बनाई गईं महिला सिपाहियों की भी जिम्मेदारी तय कर दी गई है। एक बीट में दो महिला कांस्टेबल होंगी। एक बीट अफसर पर तीन या चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है, जहां पर वे सुबह से शाम तक बैठकर गांव की महिलाओं की समस्याएं सुनेंगी। पंचायत भवन में हाजिरी लगाने से लेकर महिलाओं की समस्याएं दर्ज करेंगी।
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पीड़ित महिलाओं को मिलेगा इंसाफ
महिला बीट अफसर पंचायत भवन के मिशन शक्ति कक्ष में बैठकर पीड़िताओं का दर्द सुनेंगी। इसके बाद वह मामले को रजिस्टर पर दर्ज कर महिला हेल्प डेस्क तक पहुंचाएंगी। महिला हेल्प डेस्क की सिपाही मामले को कोतवाल, थानेदार के सामने रखेंगी। सीओ के संज्ञान में भी मामला लाया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई कर इंसाफ दिलाया जाएगा।
पंचायत घर का कायाकल्प करने की तैयारी
प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत सचिवालय तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यहां प्रधान, सचिव, ग्राम पंचायत सहायक आदि बैठकर गांव की समस्याओं का निदान कराएंगे। इसके साथ ही अब एक कमरा महिला सिपाहियों के लिए भी आरक्षित होगा। जहां मिशन शक्ति के तहत सिपाही पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का काम करेंगी। खंड विकास अधिकारियों ने पंचायत भवन तैयार करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
मिशन शक्ति फेज-3 के तहत अच्छी पहल की शुरुआत हो चुकी है। जिले में 109 बीट बनाई गई है। एक बीट में दो महिला सिपाही होंगी। इन पर तीन से चार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होगी। सप्ताह में एक ग्राम पंचायत में एक बार जाना जरूरी होगा। इस तरह महीने में एक ग्राम पंचायत में जाकर महिलाओं की समस्या सुनी जाएगी। -रोहित मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी/नोडल अधिकारी