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Pratapgarh News: नहीं मिल रही डीएपी, किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर
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जनपद के 172 सहकारी समितियों पर हर दिन सुबह होते ही किसानों की भीड़ पहुंच रही है। कुछ देर रुकने के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में समय बर्बाद होने और खेत की तैयारी पिछड़ने से किसानों में आक्रोश फैल रहा है। जो किसी भी दिन बवाल की वजह बन सकता है।
एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र वर्मन का दावा है कि 1422 मीट्रिक टन डीएपी सहकारी समितियों पर भेजी जा चुकी है। जिसका वितरण भी हो रहा है। जबकि हकीकत इससे इतर है। बृहस्पतिवार को भी बाबागंज ब्लाॅक के साधन सहकारी समिति प्रीतमपुर महेशगंज में समिति से जुड़े किसानों को डीएपी खाद के वितरण के लिए बुलाया गया था, लेकिन समिति पर किसानों की अधिक भीड़ देख सचिव अंजनी कुमार मिश्रा ने खाद वितरण से इन्कार कर दिया। वितरण के लिए सचिव ने महेशगंज थाने से पुलिस फोर्स मांगी लेकिन पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हो सके। दो घंटे बाद सचिव ने शुक्रवार को खाद वितरण का नोटिस चस्पा कर दिया। डीएपी लेने आए किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि कुछ लोग शोर शराबा करते रहे।
सदर विकासखंड के सहकारी समिति अचलपुर में भी महुआर, कादीपुर, भंगवा, किशुनदासपुर के सैकड़ों किसान डीएपी लेने के लिए पहुंचे लेकिन ताला बंद देख किसान लौट गए। एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र का कहना है कि सप्ताह भर के भीतर रैक आने पर डीएपी की किल्लत दूर हो जाएगी।
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बाजार में 15 सौ रुपये बोरी बिक रही डीएपी
जिले की साधन सहकारी समितियों पर भले ही किसानों को डीएपी नहीं मिल रही हो लेकिन बाजारों में 15 सौ रुपये बोरी उर्वरक बिक रही है। कुसमी, भुपियामऊ, लालगंज, रानीगंज, देल्हूपुर, मानधाता, मदाफरपुर में डीएपी की बोरी बिक रही है। जिसके चलते किसान बार-बार जिम्मेदार अधिकारियों को कालाबजारी के लिए दोषी ठहरा रहे हैं।
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एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र वर्मन का दावा है कि 1422 मीट्रिक टन डीएपी सहकारी समितियों पर भेजी जा चुकी है। जिसका वितरण भी हो रहा है। जबकि हकीकत इससे इतर है। बृहस्पतिवार को भी बाबागंज ब्लाॅक के साधन सहकारी समिति प्रीतमपुर महेशगंज में समिति से जुड़े किसानों को डीएपी खाद के वितरण के लिए बुलाया गया था, लेकिन समिति पर किसानों की अधिक भीड़ देख सचिव अंजनी कुमार मिश्रा ने खाद वितरण से इन्कार कर दिया। वितरण के लिए सचिव ने महेशगंज थाने से पुलिस फोर्स मांगी लेकिन पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हो सके। दो घंटे बाद सचिव ने शुक्रवार को खाद वितरण का नोटिस चस्पा कर दिया। डीएपी लेने आए किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि कुछ लोग शोर शराबा करते रहे।
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सदर विकासखंड के सहकारी समिति अचलपुर में भी महुआर, कादीपुर, भंगवा, किशुनदासपुर के सैकड़ों किसान डीएपी लेने के लिए पहुंचे लेकिन ताला बंद देख किसान लौट गए। एआर कोऑपरेटिव देवेंद्र का कहना है कि सप्ताह भर के भीतर रैक आने पर डीएपी की किल्लत दूर हो जाएगी।
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बाजार में 15 सौ रुपये बोरी बिक रही डीएपी
जिले की साधन सहकारी समितियों पर भले ही किसानों को डीएपी नहीं मिल रही हो लेकिन बाजारों में 15 सौ रुपये बोरी उर्वरक बिक रही है। कुसमी, भुपियामऊ, लालगंज, रानीगंज, देल्हूपुर, मानधाता, मदाफरपुर में डीएपी की बोरी बिक रही है। जिसके चलते किसान बार-बार जिम्मेदार अधिकारियों को कालाबजारी के लिए दोषी ठहरा रहे हैं।