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जेब में फूटी कौड़ी नहीं, एक जोड़ी कुर्ते में पट्टी से कुंडा आकर विधायक बन गए जयराम

Sat, 15 Jan 2022 11:51 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jan 2022 11:51 PM IST
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Not a single penny in the pocket, Jairam became MLA after coming swivel from the bandage in a pair of kurta
जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी। हाथ में सिर्फ एक जोड़ी कुर्ता था। 1970 के विधानसभा चुनाव से पहले जयराम यादव पट्टी से कुंडा सोशलिस्ट पार्टी का प्रचार करने गए थे। वह कार्यकर्ताओं के साथ भोजन करने के बाद पार्टी के प्रचार-प्रसार में निकल जाते थे। चुनाव लड़ने के बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं था, लेकिन पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें ही प्रत्याशी बना दिया। उनके हाथ खड़े करने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मिलकर चंदा जुटाया। इस उत्साह ने इतना दम भरा कि जयराम कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी को हराकर विधायक बन गए। उनके चुनाव में कार्यकर्ताओं ने कुल 14,500 रुपये जुटाए थे।
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कुंडा विधानसभा का 1970 का चुनाव कई मामलों में दिलचस्प था। सोशलिस्ट पार्टी यहां की क्षेत्रीय पार्टी थी। पट्टी के रहने वाले जयराम यादव सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता थे। वह प्रचार करने के लिए कुंडा गए थे। पार्टी ने प्रचार के दौरान प्रत्याशियों की घोषणा की तो कुंडा विधानसभा के लिए उनका नाम भी शामिल था। जयराम सिर्फ एक जोड़ी कपड़े में कुंडा आए थे। वह कार्यकर्ताओं के यहां भोजन करते थे और प्रचार करने निकल जाते थे।
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जब चुनाव लड़ने की बात सामने आई तो उन्होंने अपनी समस्या कार्यकर्ताओं के सामने रखी। सोशलिस्ट पार्टी में उस समय इतना जोश था कि कार्यकर्ताओं ने मिलकर उनके चुनाव लड़ने के लिए चंदा जुटाया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने चुनाव में किसी भी तरह की व्यवस्था लेने से इनकार कर दिया।
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उस समय चुनाव में साइकिल में टायर-ट्यूब के साथ ही कुर्ता, टोपी और झंडे दिए जाते थे। कार्यकर्ताओं ने इन सारी चीजों की व्यवस्था खुद से की। इसके साथ ही 14,500 रुपये जुटाए। ये रुपये तांगे का भाड़ा, दिहाड़ी के साथ माइक लेकर घूमने वालों पर खर्च किए गए। बाजारों में सभाएं हुईं। वक्ताओं को बुलाया गया। उन्होंने बाजार में आने वाले लोगों से सोशलिस्ट पार्टी का समर्थन करने की अपील की। पार्टी कार्यकर्ताओं में इतना जोश था कि सोशलिस्ट पार्टी का बरगद बढ़ता गया और जब परिणाम आया तो कांग्रेस के नियाज हसन हार गए।
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