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श्ाीश्ाम की लकडी के लिए चला लुकाछिपी का खेल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 19 Mar 2015 11:43 PM IST
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फतनपुर के सुवंसा रेलवे के पास बगल मां कोठारी देवी मंदिर के पीछे दो लाख रुपए की कीमत से भी ज्यादा की शीशम की लकड़ी पुलिस ने पकड़ी थी। लकड़ी को ठिकाने लगाने के लिए विभागीय कर्मचारी व पुलिस के बीच लुकाछिपी का खेल होता रहा। पूछताछ के लिए लाए गए पांच लोगों को छोड़ने के बाद और ट्रैक्टर की लकड़ी जगनीपुर बाजार के लाइसेंसी आरा मशीन पर 11 बजे रात गिरा दी गई। अमर उजाला में गुरुवार को खबर प्रकाशित होने के बाद वन-विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए। अमर-उजाला टीम जगनीपुर आरामशीन पर पहुंची तो मशीन संचालक ने बताया लकड़ी थानाध्यक्ष फतनपुर ने चीरने के लिए भेजी है।
यह जानकारी जब थानाध्यक्ष को हुई तो आनन-फानन में जेसीबी मशीन भेजकर आरामशीन से शीशम की लकड़ी को लदवाकर पुन: थाने ले आए। आरामशीन पर मौजूद वन विभाग के कर्मी देखते ही रह गए। राजमार्ग पर कटान के समय गायब हुई लकड़ी की तलाश विभाग काफी दिनों से कर रहा था। जब इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो पुलिस के कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए लकड़ी को यथास्थिति रखने की हिदायत दी। बतादें कि राजमार्ग के कटान होते समय इटहरा जौनपुर क्षेत्र से लाखों रुपये की कीमती लकड़ी गायब हो गई थी। उसे ठिकाने लगाने के लिए सुवंसा रेल लाइन के बगल मां कोठारी देवी मंदिर के पीछे गड्ढे में छिपाई गई थी। इस बाबत डीएलएम मिर्जापुर एसके सिंह ने बताया लकड़ी वन निगम की है। जिसने भी ऐसा कृत्य किया है उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष केडी सिंह ने बताया कि लकड़ी लावारिश में रखी गई है। जौनपुर रेंज के अधिकारियों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लकड़ी सुपुर्द कर दी जाएदी।
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यह जानकारी जब थानाध्यक्ष को हुई तो आनन-फानन में जेसीबी मशीन भेजकर आरामशीन से शीशम की लकड़ी को लदवाकर पुन: थाने ले आए। आरामशीन पर मौजूद वन विभाग के कर्मी देखते ही रह गए। राजमार्ग पर कटान के समय गायब हुई लकड़ी की तलाश विभाग काफी दिनों से कर रहा था। जब इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो पुलिस के कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए लकड़ी को यथास्थिति रखने की हिदायत दी। बतादें कि राजमार्ग के कटान होते समय इटहरा जौनपुर क्षेत्र से लाखों रुपये की कीमती लकड़ी गायब हो गई थी। उसे ठिकाने लगाने के लिए सुवंसा रेल लाइन के बगल मां कोठारी देवी मंदिर के पीछे गड्ढे में छिपाई गई थी। इस बाबत डीएलएम मिर्जापुर एसके सिंह ने बताया लकड़ी वन निगम की है। जिसने भी ऐसा कृत्य किया है उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष केडी सिंह ने बताया कि लकड़ी लावारिश में रखी गई है। जौनपुर रेंज के अधिकारियों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लकड़ी सुपुर्द कर दी जाएदी।
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