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बीए,बीएससी और बीकॉम में लागू हुआ नया पाठ्यक्रम
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राज्य विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी और बीकॉम में नया पाठ्यक्रम लागू किया है। विश्वविद्यालय ने तीन साल बाद स्नातक प्रथम वर्ष के लिए नया पाठ्यक्रम जारी किया है। सभी कॉलेजों को नया पाठ्यक्रम के आधार पर पठन-पाठन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम शुरुआत में कानपुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पर आधारित था। सत्र 2017-2018 में विश्वविद्यालय ने नया पाठ्यक्रम जारी कर कॉलेजों को पठन-पाठन कराने का निर्देश दिया। तीन साल तक कॉलेजों में विश्वविद्यालय द्वारा जारी पाठ्यक्रम के आधार पढ़ाई हुई। सत्र 2021 में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया है। विश्वविद्यालय ने कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के लिए नया पाठ्यक्रम जारी किया है। विश्वविद्यालय के नए पाठ्यक्रम के आधार पर पठन-पाठन कराने का निर्देश कॉलेजों को दिया गया है।
जारी न्यूनतम समान पाठ्यक्रम स्नातक प्रथम वर्ष के लिए है। हालांकि विश्वविद्यालय ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष का एक साथ पाठ्यक्रम जारी किया है, लेकिन द्वितीय और तृतीय वर्ष का पाठ्यक्रम इस सत्र में लागू नहीं होगा। यह पाठ्यक्रम सत्र 2021 में दाखिला लेकर आगे की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए है। वर्तमान समय में द्वितीय और तृतीय वर्ष में पुराना पाठ्यक्रम ही लागू रहेगा। एमडीपीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पाठ्यक्रम जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त कुछ नहीं पढ़ना होगा।
राज्य विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया है, लेकिन कॉलेजों के पुस्तकालयों और बाजारों में किताबें उपलब्ध नहीं हैं। किताबें न मिल पाने से शिक्षकों को पढ़ाने में दिक्कत हो रही है। वहीं, छात्र-छात्राओं का कहना है कि कॉलेजों के पुस्तकालयों में किताबें नहीं मिल पा रही हैं। बाजार में भी नए पाठ्यक्रम की किताबें नहीं आई हैं। जिससे पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है।
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नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। परीक्षा वार्षिक पद्धति के आधार पर होगी। सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि स्नातक प्रथम वर्ष में नए सेलेबस के आधार पर पढ़ाई कराई जाए।
एसके शुक्ल, कुलसचिव
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जारी न्यूनतम समान पाठ्यक्रम स्नातक प्रथम वर्ष के लिए है। हालांकि विश्वविद्यालय ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष का एक साथ पाठ्यक्रम जारी किया है, लेकिन द्वितीय और तृतीय वर्ष का पाठ्यक्रम इस सत्र में लागू नहीं होगा। यह पाठ्यक्रम सत्र 2021 में दाखिला लेकर आगे की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए है। वर्तमान समय में द्वितीय और तृतीय वर्ष में पुराना पाठ्यक्रम ही लागू रहेगा। एमडीपीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पाठ्यक्रम जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त कुछ नहीं पढ़ना होगा।
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राज्य विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया है, लेकिन कॉलेजों के पुस्तकालयों और बाजारों में किताबें उपलब्ध नहीं हैं। किताबें न मिल पाने से शिक्षकों को पढ़ाने में दिक्कत हो रही है। वहीं, छात्र-छात्राओं का कहना है कि कॉलेजों के पुस्तकालयों में किताबें नहीं मिल पा रही हैं। बाजार में भी नए पाठ्यक्रम की किताबें नहीं आई हैं। जिससे पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है।
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नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। परीक्षा वार्षिक पद्धति के आधार पर होगी। सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि स्नातक प्रथम वर्ष में नए सेलेबस के आधार पर पढ़ाई कराई जाए।
एसके शुक्ल, कुलसचिव