तहसील कर्मचारी की मौत का मामला : जांच पूरी होने से पहले ही चल बसा सुनील, एसडीएम का नहीं मिला पक्ष
लालगंज तहसील में कार्यरत नायब नाजिर सुनील कुमार शर्मा के एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम पर पिटाई करने का आरोप लगाने के बाद डीएम ने सीआरओ को मामले की जांच सौंपी थी। शनिवार को सीआरओ के बयान लेने से पहले ही घायल कर्मचारी ने दम तोड़ दिया।
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एसडीएम लालगंज की पिटाई से ही नायब नाजिर की मौत हुई है। एसडीएम ने जरा भी गंभीरता दिखाई होती, तो यह घटना नहीं होती। इस मामले की जांच के लिए डीएम ने टीम गठित की थी, लेकिन बयान लेने से पहले ही पीड़ित सुनील शर्मा की मौत हो गई।
लालगंज तहसील में कार्यरत नायब नाजिर सुनील कुमार शर्मा के एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम पर पिटाई करने का आरोप लगाने के बाद डीएम ने सीआरओ को मामले की जांच सौंपी थी। शनिवार को सीआरओ के बयान लेने से पहले ही घायल कर्मचारी ने दम तोड़ दिया।
सीआरओ इंद्रभूषण ने बताया कि प्रथमदृष्टया जो तथ्य सामने आए हैं, उससे साफ है कि एसडीएम की पिटाई से ही नायब नाजिर की मौत हुई है। हालांकि इस मामले में एसडीएम का पक्ष अभी तक नहीं मिल पाया है। एसडीएम कर्मचारी की मौत के बाद फरार हैं। सीआरओ ने बताया कि किसी को भी शारीरिक दंड देने का अधिकार नहीं है।
एसडीएम पर कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को लिखा पत्र
एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम यादव पर कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद अब एसडीएम को निलंबित करने के लिए कर्मचारी संगठन दबाव बना रहे हैं। जिले में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव आयोग की अनुमति मिलने के बाद ही निलंबन की कार्रवाई होगी।