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Pratapgarh News: NAAC will decide in which subjects the children are weak
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षिक स्तर का आंकलन करने के लिए नैक यानी नेशनल एचीवमेंट टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। गणित, विज्ञान व अंग्रेजी समेत सभी विषयों में बच्चों की क्षमता का आंकलन करने के बाद उनकी कमियों को दूर किया जाएगा। खास बात यह है कि नैक की परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। बेसिक शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुुटा हुआ है।
जिले में 2023 प्राइमरी व 722 मिडिल स्कूल हैं। इसमें दो लाख 85 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। नए शिक्षा सत्र से ही विद्यालयों के पठन- पाठन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अभियान शुरू है। चहक, पंख सहित कई कार्यक्रमों को संचालित कर स्कूलों में शैक्षिक माहौल बनाया जा रहा है। इसके अलावा अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों के शैक्षिक स्तर का भी आंकलन किया जाएगा।
विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के लिए निपुण भारत मिशन अभियान के तहत अब विद्यालयों में नेशनल एचीवमेंट टेस्ट का आयोजन कराया जाएगा। कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी सहित विषयों की परीक्षा होगी। कक्षावार बच्चों की सूची तैयार की जाएगी।
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उनके अंकों के आधार पर श्रेणी तैयार की जाएगी। नैक परीक्षा से यह आंकलन लगाया जाएगा कि कौन सी कक्षा में किन-किन विषय में बच्चे कमजोर हैं। संडवाचंद्रिका एबीएसए हरिनाथ सिंह ने बताया कि इस पहल से बच्चों के शैक्षिक स्तर को बढ़ाया जाएगा। दिसंबर माह में परीक्षा कराई जाएगी।
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जिले में 2023 प्राइमरी व 722 मिडिल स्कूल हैं। इसमें दो लाख 85 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। नए शिक्षा सत्र से ही विद्यालयों के पठन- पाठन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अभियान शुरू है। चहक, पंख सहित कई कार्यक्रमों को संचालित कर स्कूलों में शैक्षिक माहौल बनाया जा रहा है। इसके अलावा अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों के शैक्षिक स्तर का भी आंकलन किया जाएगा।
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विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के लिए निपुण भारत मिशन अभियान के तहत अब विद्यालयों में नेशनल एचीवमेंट टेस्ट का आयोजन कराया जाएगा। कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी सहित विषयों की परीक्षा होगी। कक्षावार बच्चों की सूची तैयार की जाएगी।
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उनके अंकों के आधार पर श्रेणी तैयार की जाएगी। नैक परीक्षा से यह आंकलन लगाया जाएगा कि कौन सी कक्षा में किन-किन विषय में बच्चे कमजोर हैं। संडवाचंद्रिका एबीएसए हरिनाथ सिंह ने बताया कि इस पहल से बच्चों के शैक्षिक स्तर को बढ़ाया जाएगा। दिसंबर माह में परीक्षा कराई जाएगी।