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अपराधी बहनोई से बहन को आजाद कराने में गई जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2014 11:32 PM IST
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प्रतापगढ़। कटरा मेदनीगंज के सर्राफ सियाराम सोनी की दूसरी बेटी आरती का पूर्व पति राज कुमार और जेठ ही उसके भाई सचिन की जान का दुश्मन बन गए। हत्या के मामले में राज कुमार के जेल जाने के बाद आरती ने उससे नाता क्या तोड़ा उसके पिता के खानदान का एकलौता चिराग बुझ गया। कई बार हमला करने और धमकी देने के बाद भी उसकी बात नहीं मानने पर भाई की जान ले ली।
सियाराम की बड़ी बेटी सरिता ने पड़ोस के ही रहने वाले चेयरमैन रामकिशोर साहू के बेटे दिनेश से प्रेम विवाह किया था। कुछ दिन तक तो दोनों परिवारों में तनातनी रही लेकिन बाद में संबंध मधुर हो गए। दूसरी बेटी आरती का विवाह सोरांव फाफामऊ निवासी राज कुमार के साथ फरवरी 2006 को हुआ था। आरती की शादी के कुछ दिनाें बाद पता चला कि उसका पति अपराधी है। उस पर लूट और हत्या के मामले दर्ज हैं। करीब एक साल के बाद उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई और वह जेल चला गया। इसके बाद तो आरती ने पति का घर छोड़ दिया और मायके आकर रहने लगी। आरती का जेठ रामप्रताप उर्फ सुनील सोनी उससे शादी करना चाहता था।
उसने आरती के पिता से भी इस बाबत कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुए। आरती की शादी कहीं और कर दी। वह पति के साथ दिल्ली में रहने लगी। सियाराम तीसरी बेटी ज्योति उर्फ शगुन की शादी तय करने लगा तो राम प्रताप एक बार फिर सामने आ गया। उसने कहा कि शगुन की शादी उससे कर दी जाए। मगर सियाराम ने साफ इनकार कर दिया। इससे वह तिलमिला गया और शगुन की शादी के दिन ही उसके भाई की हत्या की घटना को अंजाम दे दिया।
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सियाराम की बड़ी बेटी सरिता ने पड़ोस के ही रहने वाले चेयरमैन रामकिशोर साहू के बेटे दिनेश से प्रेम विवाह किया था। कुछ दिन तक तो दोनों परिवारों में तनातनी रही लेकिन बाद में संबंध मधुर हो गए। दूसरी बेटी आरती का विवाह सोरांव फाफामऊ निवासी राज कुमार के साथ फरवरी 2006 को हुआ था। आरती की शादी के कुछ दिनाें बाद पता चला कि उसका पति अपराधी है। उस पर लूट और हत्या के मामले दर्ज हैं। करीब एक साल के बाद उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई और वह जेल चला गया। इसके बाद तो आरती ने पति का घर छोड़ दिया और मायके आकर रहने लगी। आरती का जेठ रामप्रताप उर्फ सुनील सोनी उससे शादी करना चाहता था।
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उसने आरती के पिता से भी इस बाबत कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुए। आरती की शादी कहीं और कर दी। वह पति के साथ दिल्ली में रहने लगी। सियाराम तीसरी बेटी ज्योति उर्फ शगुन की शादी तय करने लगा तो राम प्रताप एक बार फिर सामने आ गया। उसने कहा कि शगुन की शादी उससे कर दी जाए। मगर सियाराम ने साफ इनकार कर दिया। इससे वह तिलमिला गया और शगुन की शादी के दिन ही उसके भाई की हत्या की घटना को अंजाम दे दिया।
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