{"_id":"622b95c6fd0e0f418872ef28","slug":"moti-singh-and-dheeraj-lost-even-after-getting-more-votes-than-the-last-election-pratapgarh-news-ald3286767200","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा प्रत्याशियों को वर्ष 2017 के मुकाबले मिले अधिक मत, फिर भी मिली हार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा प्रत्याशियों को वर्ष 2017 के मुकाबले मिले अधिक मत, फिर भी मिली हार
विज्ञापन
Moti Singh and Dheeraj lost even after getting more votes than the last election
पट्टी और रानीगंज के भाजपा प्रत्याशियों को वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार अधिक वोट मिले। इसके बाद भी दोनों को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2017 के मुकाबले इस बार के विधानसभा चुनाव में मोती सिंह को 11,591 और धीरज ओझा को 6,179 वोट अधिक मिले। माना जा रहा है कि दोनों सीटों पर बसपा के मजबूती से न लड़ने के कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा है।
पट्टी विधानसभा में वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह को 74,428 मत मिले थे। जबकि सपा प्रत्याशी राम सिंह पटेल को 73,051 मत मिले थे। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह को 86,019 मत मिले। उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव से करीब 11,591 मत अधिक मिले हैं। फिर भी भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि इसके पीछे एक कारण बसपा का ग्राफ गिरना भी है।
माना जा रहा है कि पट्टी विधानसभा में बसपा के कैडर वोट भी सपा की तरफ चले गए। वर्ष 2017 के चुनाव में रामसिंह पटेल को 73,051 मत मिले थे। इस बार उन्हें 1,08,070 मत हासिल हुए हैं। रानीगंज विधायक रहे अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा का जनाधार भी कम नहीं हुआ है, बल्कि उनके मतों की संख्या में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में धीरज ओझा को 66,755 मत मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी शकील अहमद को 57,698 मत मिले थे। उन्होंने 9057 मतों से बसपा प्रत्याशी को हराया था। वर्ष 2022 के चुनाव में धीरज ओझा को 72,934 मत मिले।
2017 के मुकाबले उन्हें करीब 6,179 वोट अधिक मिले हैं। रानीगंज में इस बार बसपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। बसपा के वोट सपा प्रत्याशी के खाते में चले गए। सपा प्रत्याशी डॉ.आरके वर्मा को 75,383 मत मिले। इस तरह वह धीरज ओझा को 2449 मतों से परास्त करने में सफल रहे।
विज्ञापन
पट्टी विधानसभा में वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह को 74,428 मत मिले थे। जबकि सपा प्रत्याशी राम सिंह पटेल को 73,051 मत मिले थे। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मोती सिंह को 86,019 मत मिले। उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव से करीब 11,591 मत अधिक मिले हैं। फिर भी भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि इसके पीछे एक कारण बसपा का ग्राफ गिरना भी है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि पट्टी विधानसभा में बसपा के कैडर वोट भी सपा की तरफ चले गए। वर्ष 2017 के चुनाव में रामसिंह पटेल को 73,051 मत मिले थे। इस बार उन्हें 1,08,070 मत हासिल हुए हैं। रानीगंज विधायक रहे अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा का जनाधार भी कम नहीं हुआ है, बल्कि उनके मतों की संख्या में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में धीरज ओझा को 66,755 मत मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी शकील अहमद को 57,698 मत मिले थे। उन्होंने 9057 मतों से बसपा प्रत्याशी को हराया था। वर्ष 2022 के चुनाव में धीरज ओझा को 72,934 मत मिले।
2017 के मुकाबले उन्हें करीब 6,179 वोट अधिक मिले हैं। रानीगंज में इस बार बसपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। बसपा के वोट सपा प्रत्याशी के खाते में चले गए। सपा प्रत्याशी डॉ.आरके वर्मा को 75,383 मत मिले। इस तरह वह धीरज ओझा को 2449 मतों से परास्त करने में सफल रहे।