{"_id":"61ded02470990347be0577c9","slug":"mla-s-released-the-mla-fund-pratapgarh-news-ald324795774","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायकों ने खाली कर दिया निधि, मगर अधर में लटका विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायकों ने खाली कर दिया निधि, मगर अधर में लटका विकास कार्य
विज्ञापन
जिले के माननीयों ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही अपनी निधि साफ कर दी है, मगर कार्यदायी संस्थाओं ने उनके कार्यों को अटका दिया है। कार्यदायी संस्थाओं के हैंडपंप, सोलर लाइट और मिनी हाईमास्ट लगवाने से पहले ही आचार संहिता का ब्रेक लग गया है। चुनावी वर्ष में विधायक निधि इतनी जल्दी खाली हो जाएगी, इस बात का अंदेशा अफसरों को भी नहीं था। कार्यदायी संस्थाओं ने माननीयों की उम्मीदों पर खरा उतरने का काफी प्रयास किया, मगर आदर्श आचार संहिता लगने से सारी तैयारी फेल हो गई। दरअसल, देर से विधायक निधि मिलने और सोच-विचार कर खर्च करने की रणनीति बनाने में देरी होने से इस बार माननीयों की तैयारी सफल नहीं हो पाई है। विधायक निधि से माननीयों ने हैंडपंप, सोलरलाइट, मिनी हाईमास्ट, सड़कें और इंटरलॉकिंग लगाने का प्रस्ताव भेजा था।
हैंडपंप लगाने के लिए एग्रो और सोलरलाइट और मिनी हाईमास्ट लगाने के लिए कानपुर की एक संस्था को ठेका दिया गया था। सड़क और इंटरलॉकिंग का कार्य कराने की जिम्मेदारी आरईएस को सौंपी गई थी, मगर विभाग के पास पहले से इतने काम थे कि वह निर्माण कार्य पूरा कराने में फेल हो गया। कानपुर की कार्यदायी संस्था ने पहली बार जिले में माननीयों के कार्य कराने की जिम्मेदारी ली, मगर वह भी समय से काम पूरा नहीं कर पाई। चुनाव की घोषणा होने और मतदाताओं से किया गया वादा पूरा करने में फेल माननीय अब अपनी खीझ कार्यदायी संस्थाओं पर निकाल रहे हैं।
विधायकों के प्रस्ताव पर धनराशि का भुगतान कार्यदायी संस्थाओं को कर दिया गया है। अगर कार्यदायी संस्थाओं ने अभी तक विकास कार्य नहीं कराए हैं, तो चुनाव बाद इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आरसी शर्मा, परियोजना निदेशक
विज्ञापन
हैंडपंप लगाने के लिए एग्रो और सोलरलाइट और मिनी हाईमास्ट लगाने के लिए कानपुर की एक संस्था को ठेका दिया गया था। सड़क और इंटरलॉकिंग का कार्य कराने की जिम्मेदारी आरईएस को सौंपी गई थी, मगर विभाग के पास पहले से इतने काम थे कि वह निर्माण कार्य पूरा कराने में फेल हो गया। कानपुर की कार्यदायी संस्था ने पहली बार जिले में माननीयों के कार्य कराने की जिम्मेदारी ली, मगर वह भी समय से काम पूरा नहीं कर पाई। चुनाव की घोषणा होने और मतदाताओं से किया गया वादा पूरा करने में फेल माननीय अब अपनी खीझ कार्यदायी संस्थाओं पर निकाल रहे हैं।
विज्ञापन
विधायकों के प्रस्ताव पर धनराशि का भुगतान कार्यदायी संस्थाओं को कर दिया गया है। अगर कार्यदायी संस्थाओं ने अभी तक विकास कार्य नहीं कराए हैं, तो चुनाव बाद इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आरसी शर्मा, परियोजना निदेशक