{"_id":"5a64e08b4f1c1b83268b5b04","slug":"matter-of-patkhauli-ward","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाइप लाइन बिछाने को लेकर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाइप लाइन बिछाने को लेकर विवाद
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पाइप लाइन का कनेक्शन जोड़ने के दौरान रविवार को विवाद हो गया। मौके पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पहुंची। कई घंटे बाद पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ हो सका।
सई नदी के किनारे पटखौली वार्ड में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया है। शहर में पाइप लाइन बिछाने के बाद प्लांट से कनेक्शन होना बाकी है। अंतिम दौर में व्यवधान के चलते काम फाइनल नहीं हो पा रहा था, जबकि आला अधिकारी बराबर काम पूरा करने का दबाव बना रहे हैं। रविवार को जलनिगम के एक्सईएन राजेश खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां जेसीबी से इंटरलाकिंग को उखाड़ा जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों से जलनिगम के कर्मचारियों की तकरार हुई। इस बीच मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता मदन सिंह ने एक्सईएन से कहा कि सड़क के बाद जहां से वह पाइप लाइन बिछाना चाहते हैं। वह उनकी बैनामे की जमीन है।
जलनिगम का दावा था कि रास्ता व पाइप लाइन बिछाने के लिए जमीन छोड़कर सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया था। हंगामे की खबर पर मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी और राजस्व निरीक्षक राहुल सिंह समेत कई लेखपाल पहुंचे। इसके बाद पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ हो सका। वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइप लाइन बिछाने को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर फोर्स भेजी थी। बवाल की आशंका को देखते हुए पूरे समय तक फोर्स मुस्तैद रही। मजदूरों के काम बंद करने के बाद ही फोर्स मौके से हटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सई नदी के किनारे पटखौली वार्ड में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया है। शहर में पाइप लाइन बिछाने के बाद प्लांट से कनेक्शन होना बाकी है। अंतिम दौर में व्यवधान के चलते काम फाइनल नहीं हो पा रहा था, जबकि आला अधिकारी बराबर काम पूरा करने का दबाव बना रहे हैं। रविवार को जलनिगम के एक्सईएन राजेश खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां जेसीबी से इंटरलाकिंग को उखाड़ा जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों से जलनिगम के कर्मचारियों की तकरार हुई। इस बीच मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता मदन सिंह ने एक्सईएन से कहा कि सड़क के बाद जहां से वह पाइप लाइन बिछाना चाहते हैं। वह उनकी बैनामे की जमीन है।
विज्ञापन
जलनिगम का दावा था कि रास्ता व पाइप लाइन बिछाने के लिए जमीन छोड़कर सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया था। हंगामे की खबर पर मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी और राजस्व निरीक्षक राहुल सिंह समेत कई लेखपाल पहुंचे। इसके बाद पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ हो सका। वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइप लाइन बिछाने को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर फोर्स भेजी थी। बवाल की आशंका को देखते हुए पूरे समय तक फोर्स मुस्तैद रही। मजदूरों के काम बंद करने के बाद ही फोर्स मौके से हटी।
विज्ञापन