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Pratapgarh News: मदरसा संचालकों ने की छात्रवृत्ति में हेराफेरी, हड़पे लाखों रुपये
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मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हक पर संचालक डाका डाल रहे हैं। फर्जीवाड़ा कर छात्रवृत्ति हड़पने का काम किया जा रहा है। लाखों रुपये की हेराफेरी कर चुके मदरसा संचालकों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में तकरीबन 100 मदरसों का संचालन किया जा रहा है। शासन के आदेश पर एसआईटी टीम ने मदरसों की जांच की थी। एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मदरसा संचालक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए नए तरीके अख्तियार कर रहे हैं। इस हेराफेरी का खुलासा बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद हुआ।
दो वर्षों की छात्रवृत्ति वितरण की जांच बायोमीट्रिक रिपोर्ट के आधार पर की गई। इसमें फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। हालांकि अभी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मदरसों को चिह्नित करने का काम कर रहा है। वहीं, विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ करके छात्रवृत्ति की रकम हासिल की जा रही है।
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शासन ने सत्र 2021-22 से बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू की थी। मदरसा संचालकों ने तकनीकी खामियां बताकर पंजीकरण में देरी की। सत्र 2021-22 और 2022-23 सत्र की छात्रवृत्ति हड़प ली। पोल खुलने के बाद शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई है। कार्रवाई की झंझट से मुक्ति पाने के लिए संचालकों ने अधिकारियों की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि कुछ मदरसों को चिह्नित किया गया है। सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। दोषियों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।
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जिले में तकरीबन 100 मदरसों का संचालन किया जा रहा है। शासन के आदेश पर एसआईटी टीम ने मदरसों की जांच की थी। एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मदरसा संचालक छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए नए तरीके अख्तियार कर रहे हैं। इस हेराफेरी का खुलासा बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद हुआ।
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दो वर्षों की छात्रवृत्ति वितरण की जांच बायोमीट्रिक रिपोर्ट के आधार पर की गई। इसमें फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। हालांकि अभी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मदरसों को चिह्नित करने का काम कर रहा है। वहीं, विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ करके छात्रवृत्ति की रकम हासिल की जा रही है।
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शासन ने सत्र 2021-22 से बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू की थी। मदरसा संचालकों ने तकनीकी खामियां बताकर पंजीकरण में देरी की। सत्र 2021-22 और 2022-23 सत्र की छात्रवृत्ति हड़प ली। पोल खुलने के बाद शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई है। कार्रवाई की झंझट से मुक्ति पाने के लिए संचालकों ने अधिकारियों की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि कुछ मदरसों को चिह्नित किया गया है। सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। दोषियों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।