फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Life imprisonment to woman and her lover convicted of murder

Pratapgarh News: हत्या की दोषी महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:26 PM IST
विज्ञापन
Life imprisonment to woman and her lover convicted of murder
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या के मुकदमे में मंगलवार को जिला जज अब्दुल शाहिद ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे की हत्या के दोषी पाए जाने पर महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जनपद में बीएनएस के तहत दर्ज मुकदमे में जिला अदालत का यह पहला और प्रदेश में तीसरा फैसला है।
विज्ञापन

पट्टी इलाके के जलालपुर किठौली निवासी अवधेश कुमार ने छह जुलाई 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था कि पत्नी सरस्वती और गांव के रोशन लाल ने मिलकर बेटे उमेश की गला घोंटकर हत्या कर दी है। अवधेश के मुताबिक, वह गुजरात में रहकर ट्रक चलाता था। चार से पांच महीने तक घर नहीं आया था।
विज्ञापन

घर पर सरस्वती, मझला बेटा उमेश व छोटा बेटा किशन रहते थे। बड़ा बेटा मुकेश भोपाल में रहता था। आरोप था कि सरस्वती गांव के ही रोशन लाल से फोन पर बात करती थी। उसका घर पर भी आना-जाना था। यह बात उमेश को नागवार लगती थी। उसने फोन पर पिता को इसकी जानकारी दी तो पत्नी और प्रेमी ने उसको रास्ते से हटाने का निर्णय कर लिया। गांव वालों ने भी सरस्वती और रोशन के अवैध संबंधों की पुष्टि की।
विज्ञापन
विज्ञापन

छोटे बेटे किशन ने बताया कि एक जुलाई 2024 को रोशन लाल ने मझले बेटे उमेश की गला दबाकर हत्या कर दी। पत्नी सरस्वती बेटे को पकड़े हुई थी। पांच जनवरी को उमेश का शव कुएं में मिला था।
जिला जज कोर्ट ने गवाहों के बयान के आधार पर सरस्वती देवी और रोशन लाल को दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि जमा नहीं करने पर कोर्ट ने छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया। राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी योगेश कुमार शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की।
प्रदेश में बीएनएस का तीसरा निर्णय : एसपी
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बीएनएस के तहत यह प्रदेशभर में तीसरा फैसला है। इससे पहले अलीगढ़ और सीतापुर में फैसला सुनाया गया है। प्रदेश में बीएनएस में दर्ज मामले में हत्या का यह पहला फैसला है। छह माह के भीतर भी कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई। 92 दिन में केस का ट्रायल पूरा किया गया।
हवालात की छड़ पकड़कर रोती रही सरस्वती
प्रतापगढ़। जिला जज की अदालत का फैसला सुनते ही बेटे की हत्या की दाेषी मां सरस्वती हवालात की छड़ पकड़ कर रोने लगी। खुद को बेगुनाह बताती रही। जमीन पर बैठी सरस्वती को आसपास मौजूद महिलाएं पीछे से सहारा दे रही थीं। हालांकि, उसने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

वहीं, हत्या का दोषी रोशन लाल के चेहरे पर जरा सी भी सिकन नहीं दिखी। उसने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए। कहा कि मां ने साल भर पहले मेरे खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। अगर सरस्वती और मेरे बीच अवैध संबंध होता तो फोन कॉल रिकॉर्ड में कोई सबूत जरूर मिलते। अभी भी छेड़खानी का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है फिर कैसे अवैध संबंध हो सकता है। कोर्ट के फैसले का पता चलने पर उसे परिवार की याद आई। पत्नी व बच्चों को जिक्र किया। मजदूरी से भरण पोषण की बात कही। कहा कि आगे कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed