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प्रतापगढ़ : हत्या के मामले में दोषी सगे भाइयों को उम्रकैद, 32 साल पुराने मामले में हुई सजा
Wed, 17 Aug 2022 02:06 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2022 02:06 AM IST
सार
नगर कोतवाली इलाके के पूरे केशवराय गांव के वादी शीतला प्रसाद के अनुसार गांव के राम बहादुर, सिद्धार्थ सिंह व पारसनाथ सिंह मुकदमे की रंजिश रखते थे। 27 सितंबर 1990 की सुबह सात बजे जमीन के मामले के मुकदमे में डिग्री होने के बाद खेत में चरी फसल को पारसनाथ काट रहे थे।
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मुकदमा
- फोटो : demo pic
विस्तार
जनपद न्यायाधीश संजय शंकर पांडेय ने हत्या व जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए नगर कोतवाली इलाके के पूरे केशवराय गांव के सगे भाई राम बहादुर सिंह व सिद्धार्थ सिंह को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अर्थदंड न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। आरोपी अभियुक्त सिद्धार्थ सिंह को आयुध अधिनियम में दोषमुक्त कर दिया है।
नगर कोतवाली इलाके के पूरे केशवराय गांव के वादी शीतला प्रसाद के अनुसार गांव के राम बहादुर, सिद्धार्थ सिंह व पारसनाथ सिंह मुकदमे की रंजिश रखते थे। 27 सितंबर 1990 की सुबह सात बजे जमीन के मामले के मुकदमे में डिग्री होने के बाद खेत में चरी फसल को पारसनाथ काट रहे थे। वादी के पिता पतिराज सिंह व मां कौशल्या देवी ने मौके पर पहुंचकर मना किया कि मामले में उनके पक्ष में डिग्री हो गई है तो चरी की कटान क्यों की गई।
इस पर पारसानथ सिंह ने आवाज लगाकर राम बहादुर सिंह व सिद्धार्थ सिंह को ललकारते हुए बुलाया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के समय फायरिंग की गई। इसमें पतिराज व कौशल्या देवी को को गोली लगी थी। घायल पतिराज सिंह की उपचार से पहले ही मौत हो गई थी। इस मामले में अभियुक्त पारसनाथ की मौत हो जाने की वजह से उनके विरुद्ध मुकदमा उपसमित किया गया। मामले में राज्य की ओर पैरवी डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा ने की।
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नगर कोतवाली इलाके के पूरे केशवराय गांव के वादी शीतला प्रसाद के अनुसार गांव के राम बहादुर, सिद्धार्थ सिंह व पारसनाथ सिंह मुकदमे की रंजिश रखते थे। 27 सितंबर 1990 की सुबह सात बजे जमीन के मामले के मुकदमे में डिग्री होने के बाद खेत में चरी फसल को पारसनाथ काट रहे थे। वादी के पिता पतिराज सिंह व मां कौशल्या देवी ने मौके पर पहुंचकर मना किया कि मामले में उनके पक्ष में डिग्री हो गई है तो चरी की कटान क्यों की गई।
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इस पर पारसानथ सिंह ने आवाज लगाकर राम बहादुर सिंह व सिद्धार्थ सिंह को ललकारते हुए बुलाया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के समय फायरिंग की गई। इसमें पतिराज व कौशल्या देवी को को गोली लगी थी। घायल पतिराज सिंह की उपचार से पहले ही मौत हो गई थी। इस मामले में अभियुक्त पारसनाथ की मौत हो जाने की वजह से उनके विरुद्ध मुकदमा उपसमित किया गया। मामले में राज्य की ओर पैरवी डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा ने की।
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