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जन औषधि केंद्र सालभर से बंद, परेशान हो रहे मरीज
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए स्थापित जन औषधि केंद्र सालभर से बंद है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को मजबूरी में बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। जन औषधि केंद्र बंद करने के लिए शासन की ओर से कोई आदेश नहीं आया है, बल्कि जमानत राशि नहीं जमा करने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
जिले के मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। अस्पताल आने वाले मरीज दवाएं खरीदने के लिए लाइन लगाते थे। सस्ती दवाएं मिलने से मरीजों को काफी राहत होती थी। मगर साल भर से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बंद होने से मरीजों को मजबूर होकर महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में एक ही जन औषधि केंद्र था। उसके बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। जमानत राशि नहीं जमा करने पर ड्रग इंस्पेक्टर ने लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जन औषधि केंद्र बंद करने के लिए कोई आदेश नहीं आया है। डा. अरविंद श्रीवास्तव, सीएमओ
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जिले के मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। अस्पताल आने वाले मरीज दवाएं खरीदने के लिए लाइन लगाते थे। सस्ती दवाएं मिलने से मरीजों को काफी राहत होती थी। मगर साल भर से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के बंद होने से मरीजों को मजबूर होकर महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में एक ही जन औषधि केंद्र था। उसके बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। जमानत राशि नहीं जमा करने पर ड्रग इंस्पेक्टर ने लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जन औषधि केंद्र बंद करने के लिए कोई आदेश नहीं आया है। डा. अरविंद श्रीवास्तव, सीएमओ
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