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प्रतापगढ़: बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी कटवाना नहीं होगा आसान, मेडिकल टीम करेगी जांच
Mon, 13 Feb 2023 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:16 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में बीमारी का बहाना बनाकर शिक्षकों को ड्यूटी से छुटकारा नहीं मिल पाएगा। शिक्षकों की मेडिकल टीम जांच करेगी, और फिर सीएमओ द्वारा जारी किया गया चिकित्सकीय प्रमाणपत्र ही स्वीकृत किया जाएगा। डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों व केंद्र व्यवस्थापकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
जिले में इस बार 218 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 16 फरवरी से परीक्षा शुरू हो रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए 5875 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसमें 2300 प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हैं, जबकि शिक्षकों की कक्ष निरीक्षकों के रूप ड्यूटी लगाई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास राजकीय व एडेड विद्यालयों के करीब 3575 शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, मगर परीक्षा की ड्यूटी से बचने के लिए कई शिक्षक ऐसे हैं जो बीमारी का बहाना बना रहे हैं। इस बार उनका बहाना चलने वाला नहीं है।
दरअसल, पहले उनकी बीमारी की जांच की जाएगी। इसके लिए सीएमओ द्वारा मेडिकल बोर्ड गठन किया गया है। जांच के बाद सीएमओ द्वारा चिकित्सकीय प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद ही छुट्टी स्वीकृत होगी। डीआईओएस डॉ. ओपी राय ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए परीक्षा आरंभ होने से पूर्व यदि कोई प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिका चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करते हैं, तो प्रधानाचार्य द्वारा चिकित्सीय अवकाश की संस्तुति करने के पूर्व इस संबंध में परीक्षण कर लिया जाए।
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मुख्य चिकित्साधिकारी के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने और चिकित्सा आवेदन पत्र को प्रति हस्ताक्षरित करने के लिए भेजा जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर ही चिकित्सीय अवकाश मान्य होगा।
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जिले में इस बार 218 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 16 फरवरी से परीक्षा शुरू हो रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए 5875 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसमें 2300 प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हैं, जबकि शिक्षकों की कक्ष निरीक्षकों के रूप ड्यूटी लगाई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास राजकीय व एडेड विद्यालयों के करीब 3575 शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, मगर परीक्षा की ड्यूटी से बचने के लिए कई शिक्षक ऐसे हैं जो बीमारी का बहाना बना रहे हैं। इस बार उनका बहाना चलने वाला नहीं है।
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दरअसल, पहले उनकी बीमारी की जांच की जाएगी। इसके लिए सीएमओ द्वारा मेडिकल बोर्ड गठन किया गया है। जांच के बाद सीएमओ द्वारा चिकित्सकीय प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद ही छुट्टी स्वीकृत होगी। डीआईओएस डॉ. ओपी राय ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए परीक्षा आरंभ होने से पूर्व यदि कोई प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिका चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करते हैं, तो प्रधानाचार्य द्वारा चिकित्सीय अवकाश की संस्तुति करने के पूर्व इस संबंध में परीक्षण कर लिया जाए।
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मुख्य चिकित्साधिकारी के पास उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराने और चिकित्सा आवेदन पत्र को प्रति हस्ताक्षरित करने के लिए भेजा जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर ही चिकित्सीय अवकाश मान्य होगा।