प्रतापगढ़ : नायब नाजिर के इलाज में लापरवाही की शुरू हुई जांच, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर तलब
जिस समय नायब नाजिर की हालत बिगड़ने लगी। उस समय केवल ईएमओ उनका लगातार उपचार करते रहे। ऑनकॉल ड्यूटी पर मौजूद रहने वाले फिजीशियन और एसआर (सीनियर रेजिडेंट) मौजूद नहीं थे।
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एसडीएम लालगंज की पिटाई से जान गंवाने वाले नायब नाजिर के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले की शासन स्तर से जांच शुरू हो गई है। ऑनकॉल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के साथ ही कोई फिजीशियन मौजूद नहीं था, जिससे उपचार में लापरवाही होने की शिकायत लोगों ने की थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिस समय नायब नाजिर की हालत बिगड़ने लगी। उस समय केवल ईएमओ उनका लगातार उपचार करते रहे। ऑनकॉल ड्यूटी पर मौजूद रहने वाले फिजीशियन और एसआर (सीनियर रेजिडेंट) मौजूद नहीं थे।
इस मामले में सीएमओ ने सीएमएस और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जवाब मांगा है। दोनों को मरीज के भर्ती रजिस्टर के साथ तलब किया गया है। दो मार्च को दोपहर में ट्रामा सेंटर लालगंज से रेफर कर मेडिकल कालेज भेजे गए नायब नाजिर सुनील शर्मा की इलाज के दौरान राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में मौत हो गई थी। उधर सीएमएस डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि घटना के समय दोनों डॉक्टर मौजूद थे। ।
एसडीएम की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े कर्मी, कलक्ट्रेट-तहसील में रही तालाबंदी
लालगंज एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम व तीन अज्ञात की पिटाई से नायब नाजिर सुनील शर्मा की मौत से आक्रोशित साथी कर्मचारियों ने सोमवार को तहसील व कलक्ट्रेट में तालाबंदी कर दी। फरार एसडीएम की गिरफ्तारी व बर्खास्तगी होने तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रखने का एलान किया। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के सह संयोजक वशिष्ठ कुमार सिंह व संयोजक सत्येंद्र प्रताप सिंह के साथ सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे। तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाया। संयोजक सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभी तक आरोपी एसडीएम की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम को बर्खास्त करने व उनके साथ ही अन्य तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक आश्रितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा व नौकरी के साथ पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच करायी जाए। यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर आगे आंदोलन की रणनीति तैयार होगी।
लालगंज में एसडीएम को बैरंग लौटाया
लालगंज तहसील में सोमवार को नए एसडीएम जनसुनवाई करने के साथ ही न्यायालय में बैठकर कामकाज करने के लिए पहुंचे। मगर स्थानीय अधिवक्ता गेट पर ही उनका विरोध करते हुए नारेबाजी करने लगे। अधिवक्ताओं के विरोध को देखते हुए एसडीएम गेस्ट हाउस चले गए। कर्मचारियों के साथ लालगंल के अधिवक्ता साथ खड़े दिखे।