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गेस्टहाउस से पकड़े गए 6 संदिग्ध बांग्लादेशी

Fri, 11 Aug 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Fri, 11 Aug 2017 11:41 PM IST
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6 suspected bangladeshi detained
अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : pratapgarh
नवाबगंज थाना क्षेत्र के लवाना दयालपुर गांव में शुक्रवार को एक प्राइवेट गेस्ट हाउस में रह रहे छह संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ लिया। उन्हें थाने ले जाया गया। कलकत्ता घूमने का वीजा बनवाकर आए बांग्लादेशी लोगों को संदिग्ध मानकर पुलिस ने गहन छानबीन की। सूचना पर एडिशनल एसपी और एलआईयू ने भी उनसे पूछताछ की। सभी को नवाबगंज थाने में ही बैठाया गया है। पुलिस को उनके किसी परिचित के आने के बाद ही छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के लवाना दयालपुर गांव के एक निजी गेस्टहाउस में कुछ विदेशी रुके होने की जानकारी हुई तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान वहां ढाका, बांग्लादेश के छह लोग मिले। उन्हें संदिग्ध मानते हुए पुलिस नवाबगंज थाने ले गई। वहां पूछताछ में उन लोगों ने बताया कि दयालपुर गांव निवासी श्रवण कुमार की पत्नी का भाई मनोज देहरादून में रहता है। वह वहां वीजा-पासपोर्ट बनवाने का काम करता है। राखी के त्योहार पर वह बहन के घर लवाना दयालपुर आया था। इसी दौरान ढाका बांग्लादेश में रहने वाले हबीबुल रहमान का उसके पास फोन आया। बातचीत में हबीबुल रहमान ने बताया कि वह इलाहाबाद में है। इस पर मनोज ने उसे पता बताते हुए कहा कि वह बहन के घर है। इसकी जानकारी होने पर सभी लोग गांव आ गए। मनोज ने अपने रिश्तेदार श्रवण से बात करके उन्हें गांव में ही स्थित एक प्राइवेट गेस्ट हाउस में ठहरा दिया। बाहरी लोगों के गेस्टहाउस में होने की सूचना चौकी इंचार्ज अमित सिंह को मिली तो वह वहां पहुंच गए। इसके बाद उनकी जांच करने के लिए थाने ले जाया गया। सूचना पर एडिशनल एसपी बंसतलाल और एलआईयू ने थाने पहुंचकर ढाका निवासी हबीबुल रहमान पुत्र छुट्टन मियां, हबीबुल जमाल पुत्र शामे अहमद, मोतिसुर रहमान पुत्र सुट्टन मियां, जकारिया इस्लाम पुत्र फैजुल इस्लाम, रूबेल मियां पुत्र दिलबर फुकी, सम्राट मियां पुत्र नूरुल हक के पासपोर्ट और वीजा की जांच की। वीजा और पासपोर्ट सही पाया गया, लेकिन सभी को सिर्फ कलकत्ता घूमने की इजाजत थी। सभी को चेतावनी दी गई कि वह जिस भी जिले में जाएंगे उसके जिले के अधिकारियों को सूचित करेंगे। यही नहीं उनके किसी जानने वाले के आने के बाद ही उन्हें थाने से जाने दिया जाएगा।
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