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इंटर अंग्रेजी का पेपर निरस्त, संदेह के दायरे में प्रतापगढ़ का भी नाम
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Inter English paper canceled, Pratapgarh's name also under doubt
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यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट का अंग्रेजी का पेपर लीक होने के बाद बुधवार को परीक्षा से ऐन पहले परीक्षा निरस्त कर दी गई। इससे 214 केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे 41,171 परीक्षार्थियों को निराश लौटना पड़ा। जिले के अधिकांश केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने नारेबाजी के साथ ही हंगामा किया। हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते कोई बवाल नहीं हुआ। इधर, 24 जिलों में निरस्त हुई परीक्षा के चलते प्रतापगढ़ का भी नाम संदेह के दायरे में आ गया है।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की हिंदी के बाद अंग्रेजी की बड़ी परीक्षा बुधवार को दूसरी पाली में दो से सवा पांच बजे तक होनी थी। दोपहर करीब एक बजे डीआईओएस ने अंग्रेजी का पेपर निरस्त होने की सूचना केंद्रों पर देनी शुरू कर दी। पहले तो प्रधानाचार्यों और बच्चों को विश्वास नहीं हुआ। परीक्षा केंद्रों पर पेपर खुलने का समय 1.30 बजे निर्धारित था। इस बीच केंद्र व्यवस्थापकों के पास फोन घनघनाने लगे।
कुछ ही पल में पेपर निरस्त होने की पुष्टि होने पर जब केंद्रों के बाहर जमा बच्चों को सूचना दी गई, तो वह पहले तो मानने के लिए तैयार ही नहीं हुए। आक्रोशित परीक्षार्थियों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने परीक्षार्थियों को डंडा पटककर भगाया। परीक्षा निरस्त होने के बाद केंद्रों पर पहुंचे 41,171 परीक्षार्थियों को मायूस होना पड़ा।
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इधर, सूबे के 24 जिलों में इंटर अंग्रेजी के 316 ईडी और 316 ईआई कोड के पेपर को निरस्त करने के बाद संदेह के दायरे में प्रतापगढ़ का भी नाम शामिल हो गया है। अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से पूरे मामले की जांच हो रही है। दोषियों को चिह्नित करने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अंग्रेजी के पेपर के बंडलों की होगी जांच
जिले के केंद्रों पर रखे गए इंटर अंग्रेजी के पेपर कहा से लीक हुए हैं, इसकी जांच करने के लिए हर केंद्र पर अधिकारी जाएंगे। अगर किसी कॉलेज में अंग्रेजी का बंडल खुला मिला, तो केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को अंग्रेजी का पेपर सुरक्षित रखने के लिए कहा है।
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यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की हिंदी के बाद अंग्रेजी की बड़ी परीक्षा बुधवार को दूसरी पाली में दो से सवा पांच बजे तक होनी थी। दोपहर करीब एक बजे डीआईओएस ने अंग्रेजी का पेपर निरस्त होने की सूचना केंद्रों पर देनी शुरू कर दी। पहले तो प्रधानाचार्यों और बच्चों को विश्वास नहीं हुआ। परीक्षा केंद्रों पर पेपर खुलने का समय 1.30 बजे निर्धारित था। इस बीच केंद्र व्यवस्थापकों के पास फोन घनघनाने लगे।
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कुछ ही पल में पेपर निरस्त होने की पुष्टि होने पर जब केंद्रों के बाहर जमा बच्चों को सूचना दी गई, तो वह पहले तो मानने के लिए तैयार ही नहीं हुए। आक्रोशित परीक्षार्थियों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने परीक्षार्थियों को डंडा पटककर भगाया। परीक्षा निरस्त होने के बाद केंद्रों पर पहुंचे 41,171 परीक्षार्थियों को मायूस होना पड़ा।
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इधर, सूबे के 24 जिलों में इंटर अंग्रेजी के 316 ईडी और 316 ईआई कोड के पेपर को निरस्त करने के बाद संदेह के दायरे में प्रतापगढ़ का भी नाम शामिल हो गया है। अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से पूरे मामले की जांच हो रही है। दोषियों को चिह्नित करने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अंग्रेजी के पेपर के बंडलों की होगी जांच
जिले के केंद्रों पर रखे गए इंटर अंग्रेजी के पेपर कहा से लीक हुए हैं, इसकी जांच करने के लिए हर केंद्र पर अधिकारी जाएंगे। अगर किसी कॉलेज में अंग्रेजी का बंडल खुला मिला, तो केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को अंग्रेजी का पेपर सुरक्षित रखने के लिए कहा है।