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स्वच्छ भारत मिशन में आठ करोड़ के घालमेल की खुली फाइल
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Integrated file of eight crores in Swachh Bharat Mission
प्रतापगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार-प्रसार में खर्च हुए 8.75 करोड़ रुपये के गोलमाल की फाइल फिर खुल गई है। कैबिनेट मंत्री के पत्र को गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच टीम गठित की है। जांच टीम में शामिल अफसर बेल्हा तो नहीं आए, मगर उन्होंने अभिलेखों को लखनऊ तलब किया है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत अभी तक लगभग 635.12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिले को ओडीएफ घोषित भी किया जा चुका है, मगर आलम यह है कि आज भी अधिकांश परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। वर्ष 2018-19 में स्वच्छ भारत मिशन योजना का जिलेभर में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए 8.75 करोड़ रुपये जिले को मिले थे। विभागीय अभिलेखों के मुताबिक लगभग 62 लाख रुपये होर्डिंग और 64 लाख रुपये वाल राइटिंग में खर्च दिखाया गया है। जिला योजना की बैठक में विधायकों ने मामला उठाया तो तत्कालीन डीएम ने पूरे मामले जांच कराने के लिए टीम का गठन किया। जांच टीम ने काफी दिनों तक मामला दबाए रखा। इसी बीच लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई और मामला दब गया। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। शासन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मामले की जांच करने अभी तक टीम के सदस्य जिले में नहीं आए हैं, मगर डीपीआरओ से पूरे अभिलेखों को तलब कर लिया है।
4,71,153 शौचालयों का कराया गया है निर्माण
जिले में 4,71,153 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इन शौचालयों के लाभार्थियों में अधिकांश को प्रधानों ने बनवाया था। जबकि वर्तमान में लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने की व्यवस्था है।
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स्वच्छ भारत मिशन योजना में प्रचार-प्रसार के मद में आई धनराशि की जांच के लिए शासन ने टीम का गठन किया है। जांच से संबंधित सभी अभिलेखों को लखनऊ पहुंचा दिया गया है।
लालजी दूबे, डीपीआरओ
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जिले में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत अभी तक लगभग 635.12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिले को ओडीएफ घोषित भी किया जा चुका है, मगर आलम यह है कि आज भी अधिकांश परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। वर्ष 2018-19 में स्वच्छ भारत मिशन योजना का जिलेभर में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए 8.75 करोड़ रुपये जिले को मिले थे। विभागीय अभिलेखों के मुताबिक लगभग 62 लाख रुपये होर्डिंग और 64 लाख रुपये वाल राइटिंग में खर्च दिखाया गया है। जिला योजना की बैठक में विधायकों ने मामला उठाया तो तत्कालीन डीएम ने पूरे मामले जांच कराने के लिए टीम का गठन किया। जांच टीम ने काफी दिनों तक मामला दबाए रखा। इसी बीच लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई और मामला दब गया। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। शासन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मामले की जांच करने अभी तक टीम के सदस्य जिले में नहीं आए हैं, मगर डीपीआरओ से पूरे अभिलेखों को तलब कर लिया है।
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4,71,153 शौचालयों का कराया गया है निर्माण
जिले में 4,71,153 शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इन शौचालयों के लाभार्थियों में अधिकांश को प्रधानों ने बनवाया था। जबकि वर्तमान में लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने की व्यवस्था है।
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स्वच्छ भारत मिशन योजना में प्रचार-प्रसार के मद में आई धनराशि की जांच के लिए शासन ने टीम का गठन किया है। जांच से संबंधित सभी अभिलेखों को लखनऊ पहुंचा दिया गया है।
लालजी दूबे, डीपीआरओ