Crime : प्रतापगढ़ के दरोगा ने दिल्ली में दोस्त के घर गोली मारकर की खुदकुशी, आजमगढ़ में थी पोस्टिंग
दरोगा मनोज अपने पिता माता प्रसाद विश्वकर्मा के निधन के बाद वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में उनकी तैनाती आजमगढ़ जनपद के देवगांव थाने पर थी। वह लड़की भगाने के एक मुकदमे की विवेचना कर रहे थे।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के समसपुर निवासी दरोगा मनोज विश्वकर्मा (34) ने दिल्ली में दोस्त के घर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उनकी तैनाती आजमगढ़ के देवगांव कोतवाली में थी। वह एक मामले की जांच करने हरियाणा गए थे। दरोगा के चाचा ही पैतृक गांव समसपुर में ही रहते हैं। जबकि उनका पूरा परिवार प्रयागराज के फाफामऊ स्थित शांतिपुरम में रहता है।
दरोगा मनोज अपने पिता माता प्रसाद विश्वकर्मा के निधन के बाद वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में उनकी तैनाती आजमगढ़ जनपद के देवगांव थाने पर थी। वह लड़की भगाने के एक मुकदमे की विवेचना कर रहे थे। जांच के दौरान उन्हें आरोपी के हरियाणा में होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद वह महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ 10 नवंबर को हरियाणा के लिए रवाना हुए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मनोज रविवार को दिल्ली में रहने वाली अपनी बहन के घर पहुंच गए। शाम को वह दिल्ली में ही सरिता विहार कॉलोनी (डीडीए फ्लैट) में रहने वाले अपने दोस्त मनीष के घर पहुंचे। जहां आधी रात बाद करीब एक बजे कमरा बंद किया फिर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
सोमवार को सूचना गांव पहुंची तो हर कोई हैरत में पड़ गया। पैतृक गांव में परिवार संग रहने वाले उनके चाचा राम प्रसाद रोने लगे। जबकि मनोज की मां कुसुम देवी, पत्नी रीता विश्वकर्मा व बेटी पीहू प्रयागराज के शांतिपुरम में रहते हैं। खबर मिलने के बाद परिवार के लोग बदहवास हैं।
आजमगढ़ के एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दरोगा मनोज विश्वकर्मा विवेचना के लिए हरियाणा गए थे। उनके खुदकुशी करने की सूचना पर आजमगढ़ पुलिस को दिल्ली भेजा गया है। परिजनों को भी सूचना दी गई है।