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एक फीसदी लोगों ने ही कराया आयुष्मान से इलाज अमर उजाला में प्रकाशित खबर
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान को शुरू हुए करीब 28 माह बीत चुके हैं। जनपद में दोनों योजनाओं के पात्र व्यक्तियों की संख्या 8 लाख है, मगर अभी तक मात्र 1.25 फीसदी लोगों ने ही योजना के तहत इलाज कराया है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मार्च 2019 में शुरू हुई थी। इसके बाद अन्य लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के माध्यम से आयुष्मान योजना के साथ अटैच किया गया है। जिलेभर में योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या दो लाख 24 हजार के करीब है। यदि सदस्यों की संख्या देखा जाए तो 8 लाख है।
विभाग के रिकार्ड के मुताबिक गोल्डन कार्ड बनाने वालों लोगों में से अब तक 4.9 प्रतिशत लोगों ने योजना के तहत इलाज कराया है। कुल लाभार्थियों की संख्या के मुताबिक 28 माह के भीतर महज 1.25 फीसदी लोगों ने इस योजना का लाभ लेते हुए इलाज कराया है।
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आयुष्मान योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस उपचार की व्यवस्था देने के लिए सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। लोग जरूरत के मुताबिक इलाज करा रहे हैं।
डॉ. सीपी शर्मा, एसीएमओ
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मार्च 2019 में शुरू हुई थी। इसके बाद अन्य लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के माध्यम से आयुष्मान योजना के साथ अटैच किया गया है। जिलेभर में योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या दो लाख 24 हजार के करीब है। यदि सदस्यों की संख्या देखा जाए तो 8 लाख है।
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विभाग के रिकार्ड के मुताबिक गोल्डन कार्ड बनाने वालों लोगों में से अब तक 4.9 प्रतिशत लोगों ने योजना के तहत इलाज कराया है। कुल लाभार्थियों की संख्या के मुताबिक 28 माह के भीतर महज 1.25 फीसदी लोगों ने इस योजना का लाभ लेते हुए इलाज कराया है।
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आयुष्मान योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस उपचार की व्यवस्था देने के लिए सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। लोग जरूरत के मुताबिक इलाज करा रहे हैं।
डॉ. सीपी शर्मा, एसीएमओ