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समस्याओं को लेकर गरजे पूरे हुड़हा के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2014 11:27 PM IST
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प्रतापगढ़। सपा अल्पसंख्यक समाज उद्योग व्यापार मंडल और भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने समस्याओं को लेकर सदर तहसील में नाराजगी जताई। समग्र ग्राम होने के बाद भी ग्रामीणों को कोई सहूलियत नहीं मिल रही है। यदि मांग पूरी न हुई तो वे लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
पूरेहुड़हा गांव की समस्याओं को लेकर मंगलवार को आशिक अली और भाकियू नेत्री पम्मी सिंह की अगुवाई में ग्रामीण तहसील पहुंचे। उनकी समस्याओं को अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला ने सुना और आवश्यक कार्रवाई की बात कही। ग्रामीणों ने एडीएम को बताया कि उनका गांव सबसे पिछड़ा गांव है। इसलिए इसे लोहिया समग्र गांव चुना गया। इसके बावजूद गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। गांव के लोग तीन तरफ नदियों से घिरे हुए हैं। एक ओर रेल लाइन लोगों के विकास में बाधक है। गांव से मुख्यालय आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है।
जिला पंचायत से संपर्क मार्ग स्वीकृत है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री तक ग्रामीण अपनी बात पहुंचा चुके हैं, इसके बाद भी गांव के विकास की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। समस्याओं के मकड़जाल में फंसे लोगों ने प्रशासन को आगाह किया कि यदि वह उनकी मांगों को पूरा नहीं करता तो ग्रामीण उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर अजीमउल्ला, शाहिद अली, हाजी आशिक अली, शौकत अली, इंतजार खान, असलहुद्दीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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पूरेहुड़हा गांव की समस्याओं को लेकर मंगलवार को आशिक अली और भाकियू नेत्री पम्मी सिंह की अगुवाई में ग्रामीण तहसील पहुंचे। उनकी समस्याओं को अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला ने सुना और आवश्यक कार्रवाई की बात कही। ग्रामीणों ने एडीएम को बताया कि उनका गांव सबसे पिछड़ा गांव है। इसलिए इसे लोहिया समग्र गांव चुना गया। इसके बावजूद गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। गांव के लोग तीन तरफ नदियों से घिरे हुए हैं। एक ओर रेल लाइन लोगों के विकास में बाधक है। गांव से मुख्यालय आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है।
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जिला पंचायत से संपर्क मार्ग स्वीकृत है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री तक ग्रामीण अपनी बात पहुंचा चुके हैं, इसके बाद भी गांव के विकास की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। समस्याओं के मकड़जाल में फंसे लोगों ने प्रशासन को आगाह किया कि यदि वह उनकी मांगों को पूरा नहीं करता तो ग्रामीण उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर अजीमउल्ला, शाहिद अली, हाजी आशिक अली, शौकत अली, इंतजार खान, असलहुद्दीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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