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Pratapgarh News: अस्पताल सील, कर्मचारी अंदर...सात घंटे बाद निकाले गए

Mon, 08 Jan 2024 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Mon, 08 Jan 2024 02:10 AM IST
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Hospital sealed, employees inside... evacuated after seven hours
प्रसूता की मौत पर अमन अस्पताल के बाहर हुए हंगामे के दौरान शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल तो सील कर दिया। जल्दबाजी में हुई कार्रवाई में अस्पताल चेक करना भूल गया और कई कर्मचारी अंदर रह गए। उनके चिल्लाने पर सात घंटे बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सील तोड़वाकर उन्हें बाहर निकाला।
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शनिवार को मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित अमन अस्पताल के बाहर प्रसूता का शव कंधई थाना के आसलपुर ईसनपुर निवासी सत्यम और उनके परिजन हंगामा कर रहे थे। आरोप था कि सत्यम की पत्नी खुशबू चौरसिया ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म देने के बाद अमन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। मौत के बाद डॉक्टरों ने प्रसूता को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय भेजा।
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हंगामा बढ़ता देख आननफानन स्वास्थ्य विभाग ने सील करने की कार्रवाई की। सात घंटे के बाद करीब शाम पांच बजे अस्पताल के अंदर फंसे कर्मचारी परेशान हो गए। उन्होंने शोर मचाया तो सूचना कोतवाली तक पहुंची। पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर अमन हॉस्पिटल पहुंची। उन्हें निकालकर फिर से अस्पताल को सील कर दिया।
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उधर, प्रसूता की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने तीन सदस्यी टीम का गठन कर दिया है। जांच टीम तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देगी। टीम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अमर नाथ राय, डिप्टी सीएमओ डॉ. सदीप सक्सेना, और डॉ. पारुल सक्सेना को शामिल किया गया है।


नहीं बख्शे जाएंगे खून के सौदागर
उप मुख्य चिकित्साधिकारी अमर नाथ राय ने कहा कि अस्पताल में इलाज की जांच के अलावा 12 हजार रुपये लेकर खून देने वाले को भी पकड़ा जाएगा। पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। खून के सौदागरों को जेल भेजा जाएगा।

डिप्टी सीएमओ राजेश से छिना प्रभार
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने बताया कि जिले के प्रत्येक नर्सिंग होम, क्लीनिक और पॉलीक्लीनिक के साथ हॉस्पिटल की जांच की जाएगी। जिस अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलेंगे, उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि डिप्टी सीएमओ राजेश के हाथ से क्लीनिक, पॉलीक्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का प्रभार हटा दिया गया है। इसकी जिम्मेदारी उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आजाद अहमद को दी गई है।
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