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शिवालयों में गूंजा हर-हर महादेव
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Har-Har Mahadev echoed in pagoda
- फोटो : PRATAPGARH
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सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में भक्तों को हुजूम उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए भक्त सुबह चार बजे से ही मंदिरों में पहुंचने लगे। सुबह भक्तों की मंदिरों के बाहर कतार लग गई। सुरक्षा में लगे कर्मचारी मंदिर के अंदर जल लेकर जाने के लिए लोगों को रोकते रहे, लेकिन इसके बाद भी लोगों ने जलाभिषेक किया। मॉस्क लगाने वाले भक्तों को ही अंदर प्रवेश मिला। मंदिर परिसर के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क लगाने पर जोर दिया जा रहा था।
सावन के पहले सोमवार को शिवमंदिरों में जहां सन्नाटा देखने को मिला था, वहीं दूसरे सोमवार को शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोक के बावजूद शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ऊं नम: शिवाय का जाप किया। बेलखरनाथधाम, घुइसरनाथधाम में सुबह चार बजे आरती होने के साथ ही दर्शन-पूजन शुरू हो गया। मन में उत्साह और भोलेनाथ के प्रति अपार श्रद्धा देखकर मंदिर परिसर के बाहर खड़े लोग भक्तों को रोक नहीं पाए।
शिवालयों के बाहर खड़े सुरक्षा कर्मचारी दर्शन करने की अनुमति दे रहे थे, मगर जलाभिषेक के लिए मना कर रहे थे। इसके बाद भी लोगों ने गर्भगृह में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए धतूर, बेलपत्र और पीला पुष्प चढ़ाया।
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दर्शन करने के बाद लोग भस्म लगाकर आशीर्वाद ले रहे थे। हालांकि, शिवालयों में प्रवेश करने वाले भक्तों के लिए मॉस्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर अधिक जोर दिया जा रहा था। घुुइसरनाथधाम में प्रवेश द्वार पर सुरक्षा में लगे कर्मचारी मॉस्क नहीं लगाकर आने वालों को मंदिर परिसर में घुसने नहीं दे रहे थे।
कांवड़ यात्रा पर रोक होने से शिवधाम की कर रहे परिक्रमा
कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष कांवड़ यात्रा पर रोक लगी हुई है। इससे कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले भक्त शिवधाम की परिक्रमा कर रहे हैं। सुबह से उमड़ने वाले भक्तों के दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक चला।
मंदिर में नहीं हो रहा रुद्राभिषेक
सावन के सोमवार को रुद्राभिषेक कराना काफी शुभ माना जाता है। व्रत रहने वाली अधिकांश महिलाएं और पुरुष इस वर्ष मंदिर परिसर के अंदर रुद्राभिषेक नहीं करा पा रहे हैं। घुइसरनाथधाम, बेलखरनाथधाम और भयहरणनाथधाम में सावन के सोमवार को रुद्राभिषेक कराने वालों की भीड़ रहती थी, मगर इस बार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए रोक लगने से शिवभक्तों को मजबूरी में घर पर ही रुद्राभिषेक कराना पड़ रहा है।
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सावन के पहले सोमवार को शिवमंदिरों में जहां सन्नाटा देखने को मिला था, वहीं दूसरे सोमवार को शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोक के बावजूद शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ऊं नम: शिवाय का जाप किया। बेलखरनाथधाम, घुइसरनाथधाम में सुबह चार बजे आरती होने के साथ ही दर्शन-पूजन शुरू हो गया। मन में उत्साह और भोलेनाथ के प्रति अपार श्रद्धा देखकर मंदिर परिसर के बाहर खड़े लोग भक्तों को रोक नहीं पाए।
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शिवालयों के बाहर खड़े सुरक्षा कर्मचारी दर्शन करने की अनुमति दे रहे थे, मगर जलाभिषेक के लिए मना कर रहे थे। इसके बाद भी लोगों ने गर्भगृह में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए धतूर, बेलपत्र और पीला पुष्प चढ़ाया।
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दर्शन करने के बाद लोग भस्म लगाकर आशीर्वाद ले रहे थे। हालांकि, शिवालयों में प्रवेश करने वाले भक्तों के लिए मॉस्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर अधिक जोर दिया जा रहा था। घुुइसरनाथधाम में प्रवेश द्वार पर सुरक्षा में लगे कर्मचारी मॉस्क नहीं लगाकर आने वालों को मंदिर परिसर में घुसने नहीं दे रहे थे।
कांवड़ यात्रा पर रोक होने से शिवधाम की कर रहे परिक्रमा
कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष कांवड़ यात्रा पर रोक लगी हुई है। इससे कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले भक्त शिवधाम की परिक्रमा कर रहे हैं। सुबह से उमड़ने वाले भक्तों के दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक चला।
मंदिर में नहीं हो रहा रुद्राभिषेक
सावन के सोमवार को रुद्राभिषेक कराना काफी शुभ माना जाता है। व्रत रहने वाली अधिकांश महिलाएं और पुरुष इस वर्ष मंदिर परिसर के अंदर रुद्राभिषेक नहीं करा पा रहे हैं। घुइसरनाथधाम, बेलखरनाथधाम और भयहरणनाथधाम में सावन के सोमवार को रुद्राभिषेक कराने वालों की भीड़ रहती थी, मगर इस बार कोरोना के संक्रमण को देखते हुए रोक लगने से शिवभक्तों को मजबूरी में घर पर ही रुद्राभिषेक कराना पड़ रहा है।

Har-Har Mahadev echoed in pagoda- फोटो : PRATAPGARH