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साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक : राज्यपाल

Fri, 16 Jun 2017 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Fri, 16 Jun 2017 01:08 AM IST
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Guide to Literary Society: Governor
प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
प्रतापगढ़। राज्यपाल रामनाईक ने कहा है कि साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक होता है। वह साहित्य के माध्यम से अपनी भावनाएं नहीं व्यक्त करता है, बल्कि समाज में घटित होनी वाली घटनाओं से आम जनमानस को अवगत कराता है। रामायण और महाभारत में मानव जीवन का रहस्य छिपा होने की बात करते हुए दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खंडकाव्य बताया।
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गुरुवार को शहर के तुलसी सदन में दूसरी बार कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे राज्यपाल रामनाईक ने साहित्यकार रामबोध पांडेय के महाकाव्य कुंती का विमोचन किया। उन्होंने साहित्यकार रामबोध पांडेय की इस कृति के लिए उनकी सराहना की। महिला सशक्तीकरण की दिशा में कुंती को महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उन्होंने पांडवों के युद्ध जीतने के बाद भी राजभवन में राजमाता बनने का गौरव हासिल करने के बजाए जंगल में रहकर अपना जीवन व्यतीत किया। कुंती ने पति और बेटों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
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रामायण और महाभारत को दुनिया का सबसे अच्छा खंडकाव्य बताते हुए कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण मानव जीवन के लिए आदर्श हैं। इनको कभी भी कोई नहीं भुला सकता है। रामबोध पांडेय के अब तक 25 पुस्तकें  लिखने पर राज्यपाल ने उनकी सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह और डॉ. महेंद्र सिंह ने रामबोध पांडेय को यश भारती पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यश भारती का सम्मान जिसे मिलना चाहिए था, उसे नहीं मिला।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजेंद्र मिश्र ने शास्त्रों पर आधारित कुंती के जीवन का वृत्तांत सुनाया। इसके पूर्व अखिल भारतीय चंद्रदत्त सेनानी स्मारक की ट्रस्टी लीलावती ने स्मृति चिह्न देकर राज्यपाल को सम्मानित किया। आयोजक की ओर से डॉ. दयाराम मौर्य, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने अतिथियों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम् भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के आयोजक रामबोध पांडेय ने सभी का स्वागत और सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने आभार ज्ञापित किया। राज्यपाल ने तुसलीसदन में स्थित गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस मौके पर सुरेश पांडेय, हरिप्रताप सिंह, कृपाशंकर ओझा,. आनंद मोहन ओझा, डॉ. विंध्याचल सिंह, श्यामशंकर मिश्र एलाही, नीलम हिंद, केके सिंह आदि मौजूद रहे।


स्वागत की कड़ी में संचालन कर रहे दिनेश मिश्रा ने 92 वर्षीय कृपाशंकर ओझा का नाम पुकारा। वृद्ध होने के कारण मंच पर चढ़ने मेें असमर्थ ओझा नीचे खडे़ हो गए। इस पर राज्यपाल स्वंय कुर्सी से उठकर कृपा शंकर ओझा के पास पहुंचे और पुष्प गुच्छ लेकर उनका हालचाल जाना।

राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि मुंबई से तीन बार विधायक और पांच बार सांसद रहने के बाद जब मैने चुनाव लड़ने से मना कर दिया तो हमें राज्यपाल बना दिया गया। तब से अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन कर रहा हूं।

राज्यपाल के आगमन को लेकर पुलिस लाइन से तुलसी सदन तक की सभी दुकानें सुबह से ही बंद करा दी गई थीं। राज्यपाल के जाने के बाद ही ये दुकानें खुलीं। इधर जिस मार्ग से राज्यपाल को जाना था, वह आम आदमी के लिए बंद कर दिया गया था। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के इलाहाबाद विवि के संयोजक डॉ. शक्ति कुमार पांडेय, प्रदेश मंत्री डॉ. सौरभ पांडेय और जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद पांडेय ने राज्यपाल को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें पुरानी पेंशन बहाल करने और सभी शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा की मांग की गई है।

जीवनदायनी सई को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एलायंस क्लब इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोशनलाल उमरवैश्य ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सई नदी परियोजना पर व्यापक कार्ययोजना बनाकर दिया है। जिससे सई नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है।

जिले में आपराधिक घटनाएं बढ़ने पर चिंता प्रकट करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष कपिल द्यिवेदी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर स्थिति नियंत्रित करने की मांग की है। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर घटतौली, सीवर पाइप लाइन के अधूरे कार्य को पूरा करने, आंवला किसानों की दशा सुधारने की मांग की है।


जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित कुमार शुक्ल और महामंत्री जेपी मिश्र ने राज्यपाल रामनाईक को ज्ञापन सौंपकर नए अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय और 65 वर्ष के बुजुर्ग अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये पेंशन अधिवक्ताओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल को मांगपत्र सौंपा है।
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