फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   chath pooja from tommorow

छठ पूजन कल से, गंदगी में खड़े होकर सूरज को अर्घ्य देंगे श्रद्धाल

Sun, 22 Oct 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 22 Oct 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
chath pooja from tommorow
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
सूर्य देवता की आराधना का पर्व छठ पूजा 24 अक्तूबर को नहाए-खाए के साथ शुरू होगा। चौक घंटाघर, अजीत नगर समेत शहर के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग बेल्हा देवी मंदिर पर एकत्र होंगे। वहीं पर छठ पूजा होगी। इसके लिए लोगों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि अफसरों की उदासीनता के चलते इस बार भी छठ पूजा पर श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच पूजा करने पर मजबूर होना पड़ेगा। दरअसल पर्व कल यानी मंगलवार से श्‍ाुरू होगा लेकिन घाटों पर साफ-सफाई नहीं की गई है। यहां हर तरफ कूड़ा फैला हुआ है।
विज्ञापन


सई नदी के किनारे हर साल की तरह इस बार भी छठ पूजा परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। इसके लिए लोग तैयारी में भी जुट गए हैं। रविवार को बेल्हा देवी नदी के तट पर गंदगी का अंबार लगा रहा। साफ व्यवस्था न होने से वहां कदम रखना भी मुश्किल हो रहा है। जबकि छठ पूजा के लिए लोगों का आना जाना शुरू हो गया। बेल्हा देवी मंदिर परिसर से लगे तट पर होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर संबंधित विभाग अभी खामोश है। यही वजह है कि तट पर साफ-सफाई का प्रबंध नहीं किया गया। नगर पालिका के ईओ अवधेश यादव ने बताया कि दिवाली के अवकाश के कारण दिक्कत हुई है। सोमवार को हर हाल में वहां सफाई हो जाएगी। प्रकाश से लेकर पेयजल की व्यवस्था भी सुदृढ़ करने का निर्देश संबंधित प्रभारियों को दे दिया गया है।
विज्ञापन

सई नदी की सफाई करने पहुंचे परशुराम सैनिकः सई नदी के तट की रविवार को साफ करने के लिए परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष प्रदीप शुक्ल की अगुवाई में सैनिक पहुंचे। तट के किनारे गंदगी की साफ-सफाई के साथ ही नदी में बह रहे अनुपयोगी सामान को बाहर निकाला। शाम तक सैनिक नदी के तट की सफाई के लिए पसीना बहाते रहे। इस मौके पर रवि राजा, अंकित, अभिषेक, आलोक गर्ग, नीलेश, अतुल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पति और बेटे के दीर्घायु की कामना को लेकर रखा जाने वाला छठ पूजा कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से प्रारंभ होकर शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि तक चलता है। 24 अक्तूबर को नहाए-खाए के साथ महिलाएं सुबह स्नान के बाद लौकी की सब्जी और चने की दाल खाएंगीं। दूसरे दिन पंचमी खरना रसियाव रोटी होगा। इसमें शाम को महिलाएं माठी के चावल से गुड़ से खीर बनाएंगी और उसे रोटी से खाएंगीं। इसके सेवन के बाद महिलाओं का 36 घंटे का निर्जल व्रत प्रारंभ हो जाएगा। तीसरे दिन षष्ठी तिथि पर 26 अक्तूबर को व्रतधारी महिलाएं डूबते सूरज को तालाब, नदी आदि में खड़े होकर अर्घ्य देंगी। अगले दिन उगते सूरज को अर्घ्य देंगी। छठ पूजा के लिए बेल्हा देवी घाट पर तीन दिनों तक महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed