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डीएम आवास पर साढ़े चार घंटे अफरातफरी

Sat, 26 Sep 2020 12:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2020 12:57 AM IST
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Four and a half hours at DM residence
जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय में अंदर जुटी पुलिस। - फोटो : PRATAPGARH
अतिरिक्त एसडीएम टू विनीत उपाध्याय के पत्नी संग डीएम के चेंबर में धरने पर बैठने के चलते शुक्रवार को साढ़े चार घंटे तक जिला प्रशासन में खलबली मची रही। बवाल की आशंका में नगर कोतवाली के साथ महिला थाने की फोर्स बुला ली गई। अफसरों ने डीएम आवास का गेट बंद कर मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया।
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प्रशासनिक अमला एसडीएम को मनाने में जुट गया। प्रशासन के साथ ही पुलिस के अधिकारियों ने भी डेरा डाल दिया। अफसर उन्हें समझाते रहे, लेकिन वह डीएम के चैंबर में फर्श पर बैठे रहे। किसी की भी बात मानने से इनकार कर दिया।
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अतिरिक्त एसडीएम विनीत उपाध्याय शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे डीएम आवास पहुंचे। उस वक्त जिलाधिकारी अपने चैंबर में बैठे थे। अंदर पहुंचते ही एसडीएम विनीत उपाध्याय डीएम डा. रुपेश कुमार से एडीएम के एकतरफा रिपोर्ट भेजने और उनकी बात न सुने जाने का आरोप लगाते हुए बहस करने लगे।
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वह चैंबर में ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर तक उन्हें समझाने के बाद डीएम अंदर आवास में चले गए। मामले की जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सदर एसडीएम मोहनलाल गुप्ता, एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी मौके पर पहुंच गए।
नगर कोतवाली के साथ ही महिला थाने की फोर्स बुला ली गई। सीओ सिटी अभय पांडेय भी आ गए। नगर कोतवाल प्रवीण कुशवाहा ने डीएम आवास का गेट बंद कर दिया। मीडिया कर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। एक-एक कर अधिकारी एसडीएम विनीत उपाध्याय से बातकर उन्हें मनाने में लगे रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे। शाम चार बजे के करीब उन्हें मनाने के लिए उनके बैच के ही रानीगंज में तैनात एसडीएम राहुल यादव को बुलाया गया।
वह भी काफी देर तक एसडीएम विनीत को उपाध्याय को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। वह एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता और एडीएम पर भ्रष्टाचार और डीएम डॉ. रूपेश कुमार पर उन्हें संरक्षण देने और शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे थे। वह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। मामला शासन तक पहुंचने के बाद लखनऊ से भी अफसरों के फोन घनघनाने लगे। मंडलायुक्त ने भी डीएम से मामले की जानकारी ली।
ह्यउच्च अफसरों से बातचीत के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद शाम पांच बजे डीएम डा. रूपेश कुमार एसडीएम से मिलने आए। उन्होंने उनकी शिकायतों की जांच कराने और कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर एसडीएम पत्नी के साथ डीएम आवास से हटे।
जमा हो गई भीड़, सपाई भी पहुंचे
एसडीएम विनीत उपाध्याय के धरने पर बैठने की जानकारी होने के बाद डीएम आवास के बाहर धीरे-धीरे भीड़ जमा होने लगी। पुलिस के गेट बंद करने के कारण मीडियाकर्मी बाहर जमे थे। थोड़ी देर बाद ही सपा के तमाम कार्यकर्ता भी पहुंच गए। वह एसडीएम के समर्थन में धरने पर बैठने की बात करने लगे। कुछ ने फोन पर एसडीएम से बात भी की। हालांकि वह धरने पर नहीं बैठे। सपा के जिला उपाध्यक्ष इरशाद सिद्दीकी, वाशिक खान, मीडिया प्रभारी मनीष पाल समेत कई नेता चार घंटे से भी अधिक समय तक डीएम आवास के गेट पर डटे रहे।

कोतवाल ने बंद किया गेट, कहा-कोई अंदर नहीं जाएगा
नगर कोतवाली इलाके में जुआ, चोरी छिनैती और अपराध रोकने में नाकाम कोतवाल प्रवीण कुशवाहा शुक्रवार को डीएम आवास में एसडीएम के धरने पर बैठने के बाद पूरे फार्म में थे। डीएम आवास पहुंचते ही अपनी गाड़ी अंदर करने के बाद उन्होंने तुरंत गेट बंद करा दिया। एसडीएम की फोटो और बयान लेने के लिए अंदर जा रहे मीडियाकर्मियों को रोकते हुए कहा कि यह निजी आवास है। अंदर कोई नहीं जा सकता। अपराध रोकने में फिसड्डी कोतवाल यह भूल गए कि आवास के बाहर कैंप कार्यालय भी है, जहां जिलाधिकारी नियमित रूप से बैठते हैं। साथ उनका कार्यालय भी है। उनके इस कृत्य को लेकर मीडियाकर्मियों में जबरदस्त आक्रोश रहा।

एसडीएम विनीत उपाध्याय के धरने पर बैठने के बाद डीएम कैम्प कार्यालय में पहुंचे अधिकारी।

एसडीएम विनीत उपाध्याय के धरने पर बैठने के बाद डीएम कैम्प कार्यालय में पहुंचे अधिकारी।- फोटो : PRATAPGARH

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