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Pratapgarh News: संशोधित-सभी केंद्र पूर्व मंत्री ने लौटाए सरकारी स्वास्थ्य उपकरण, स्टॉक रजिस्टर में भी दर्ज
Mon, 26 Jun 2023 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:10 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। भरपाई करने की चिंता कहें या फिर समाज में बदनामी का डर। पूर्व मंत्री के घर से स्वास्थ्य उपकरण वापस बेलखरनाथ सीएचसी आ गए। इतना ही नहीं बाकायदा स्टॉक रजिस्टर में दर्ज भी हो गए हैं। हालांकि अब सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक इस मामले में बोलने से किनारा कर रहे हैं।
बेलखरनाथ सीएचसी क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश के एक पूर्व मंत्री की मां बीमार थीं। उनके उपचार के लिए बेलखरनाथ सीएचसी से बीपी मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड, गद्दा, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर समेत कई उपकरण उनके घर भेजे गए थे। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब 17 जून को डिप्टी सीएमओ डाॅ. संदीप सक्सेना सीएचसी पहुंचकर स्टॉक रजिस्टर का मिलान करने लगे। उन्होंने सीएमओ को भेजी रिपोर्ट में भी कहा था कि पूर्व मंत्री के घर सामान भेजना नियम विरुद्ध है।
अमर उजाला ने लगातार 25 और 26 जून के अंक में खबर प्रकाशित की तो रविवार को सीएमओ ने कहा कि यदि पूर्व मंत्री के घर उपकरण होंगे तो वापस जरूर लाए जाएंगे। यदि न मिला तो रिकवरी की जाएगी। हालांकि सोमवार को सीएचसी खुलते ही सबसे पहले यही काम किया गया कि सामान स्टाॅक रजिस्टर में दर्ज कर लिया गया। इसके पीछे अब लोग तरह-तरह का सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि रिकवरी की चिंता या फिर समाज में बदनामी के डर के कारण सामान को लौटाया गया है। जबकि सीएचसी अधीक्षक आरिफ ने कहा कि पूर्व मंत्री के मां के निधन के बाद उनके तेरहवीं पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का कार्यक्रम लगा था। इसलिए उनके गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को सेफ हाउस बनाया गया था। एक बेड के साथ गद्दा सहित अन्य अस्पताल के उपकरण रखे गए थे। चिकित्सकों की वीआईपी ड्यूटी भी लगाई गई थी। सामान ठीक दूसरे ही दिन वापस आ गया था। कर्मचारी स्टाक रजिस्टर में चढ़ाना भूल गया था।
17 जून को बेलखरनाथ सीएचसी की जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ ने स्टाॅक रजिस्ट्रर जरूर देखे थे मगर उन्होंने सीएमओ को क्या लिखकर दिया है, यह मुझे नहीं पता है। अधीक्षक ने कहा कि फिर ऑक्सीजन जांच मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर, डिजिटल वेइंग मशीन, डिजिटल बीपी मशीन न गायब हुए थे और न ही पूर्व मंत्री के घर भेजे गए थे। सारी सामग्री स्टॉक रजिस्टर में अंकित कर दी गई है।
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प्रतापगढ़। भरपाई करने की चिंता कहें या फिर समाज में बदनामी का डर। पूर्व मंत्री के घर से स्वास्थ्य उपकरण वापस बेलखरनाथ सीएचसी आ गए। इतना ही नहीं बाकायदा स्टॉक रजिस्टर में दर्ज भी हो गए हैं। हालांकि अब सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और सीएचसी अधीक्षक इस मामले में बोलने से किनारा कर रहे हैं।
बेलखरनाथ सीएचसी क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश के एक पूर्व मंत्री की मां बीमार थीं। उनके उपचार के लिए बेलखरनाथ सीएचसी से बीपी मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड, गद्दा, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर समेत कई उपकरण उनके घर भेजे गए थे। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब 17 जून को डिप्टी सीएमओ डाॅ. संदीप सक्सेना सीएचसी पहुंचकर स्टॉक रजिस्टर का मिलान करने लगे। उन्होंने सीएमओ को भेजी रिपोर्ट में भी कहा था कि पूर्व मंत्री के घर सामान भेजना नियम विरुद्ध है।
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अमर उजाला ने लगातार 25 और 26 जून के अंक में खबर प्रकाशित की तो रविवार को सीएमओ ने कहा कि यदि पूर्व मंत्री के घर उपकरण होंगे तो वापस जरूर लाए जाएंगे। यदि न मिला तो रिकवरी की जाएगी। हालांकि सोमवार को सीएचसी खुलते ही सबसे पहले यही काम किया गया कि सामान स्टाॅक रजिस्टर में दर्ज कर लिया गया। इसके पीछे अब लोग तरह-तरह का सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि रिकवरी की चिंता या फिर समाज में बदनामी के डर के कारण सामान को लौटाया गया है। जबकि सीएचसी अधीक्षक आरिफ ने कहा कि पूर्व मंत्री के मां के निधन के बाद उनके तेरहवीं पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का कार्यक्रम लगा था। इसलिए उनके गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को सेफ हाउस बनाया गया था। एक बेड के साथ गद्दा सहित अन्य अस्पताल के उपकरण रखे गए थे। चिकित्सकों की वीआईपी ड्यूटी भी लगाई गई थी। सामान ठीक दूसरे ही दिन वापस आ गया था। कर्मचारी स्टाक रजिस्टर में चढ़ाना भूल गया था।
17 जून को बेलखरनाथ सीएचसी की जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ ने स्टाॅक रजिस्ट्रर जरूर देखे थे मगर उन्होंने सीएमओ को क्या लिखकर दिया है, यह मुझे नहीं पता है। अधीक्षक ने कहा कि फिर ऑक्सीजन जांच मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन, ऑक्सीजन सिलिंडर, डिजिटल वेइंग मशीन, डिजिटल बीपी मशीन न गायब हुए थे और न ही पूर्व मंत्री के घर भेजे गए थे। सारी सामग्री स्टॉक रजिस्टर में अंकित कर दी गई है।