फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Farmers will loose pockets in paddy cultivation

धान की खेती में किसानों की जेब होगी ढीली

Thu, 20 May 2021 12:40 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 12:40 AM IST
विज्ञापन
Farmers will loose pockets in paddy cultivation
प्रतापगढ़। धान की खेती करना किसानों को इस बार महंगा पड़ेगा। खाद के दाम बढ़ने से उनकी जेब ढीली होगी। पैदावार बढ़ाने में सबसे कारगर साबित होने वाली डीएपी खाद के दाम में 300 रुपये प्रति बोरी का इजाफा हो गया है। अभी तक 1200 रुपये प्रति बोरी बिकने वाली डीएपी अब 1500 रुपये की दर से किसानों को मिलेगी। हालांकि जिले में जिन बिक्री केंद्रों पर पुरानी खाद है, उसे भी नए दाम पर बेचा जा रहा है।
विज्ञापन

खरीफ के फसल की तैयारी करने वाले किसानों को इस बार धान की नर्सरी डालने से पहले बड़ा झटका लगा है। धान और गेहूं की पैदावार बढ़ाने में सबसे कारगर मानी जाने वाली डीएपी खाद के दामों में अचानक 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह दर सरकारी बिक्री केंद्रों और साधन सहकारी समितियों के लिए जारी की गई है। निजी दुकानदारों से डीएपी की खरीद करने पर अधिक रुपये देने होंगे। हालांकि अभी नए दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर नहीं आई है, मगर बढ़े हुए दाम की जानकारी होते ही पुरानी खाद की बोरियों में ओवर राइटिंग कर नई दर से बेचा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण अधिकारी न तो इसकी जांच कर रहे हैं और न ही नियंत्रण के कोई प्रबंध किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

डीएपी के दाम में प्रति बोरी 300 की बढ़ोतरी की गई है, मगर अभी पुराने दाम की डीएपी बिक्री केंद्रों पर है। पुरानी खाद को अगर कोई नए दाम पर बेच रहा है, तो इसकी शिकायत करें। जिससे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed