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भरत मिलाप पर रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया शहर

Mon, 02 Oct 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Mon, 02 Oct 2017 11:51 PM IST
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historical bharat milap concluded
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
ऐतिहासिक भरत मिलाप पर सोमवार को शाम होते ही शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमग हो उठा। आकर्षक लाइटों से सजे शहर की रंगत देखते ही बन रही थी। झांकियों का मंचन देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। देरशाम भक्ति गीतों के बीच झांकियों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ तो पूरा शहर राममय हो गया। बेल्हावासी देर रात तक भरत मिलाप महोत्सव के उल्लास में डूबे रहे।
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बेल्हा के ऐतिहासिक भरत मिलाप का आगाज 21 सितंबर से ही हो गया था। शहर से गांव तक सभी श्रद्धालुओं को रावण वध व विभीषण राज्याभिषेक के बाद भरत मिलाप के ऐतिहासिक दृश्य का इंतजार था। विजयदशमी पर रावण पुतला दहन के बाद रामलीला मैदान में भव्य मेले का आयेाजन हुआ और उसके बाद भरत मिलाप की तैयारियां बुलंदी को छूने लगीं। सोमवार को आयोजित ऐतिहासिक भरत मिलाप की मार्मिक झांकी देखने के लिए लोग पलकें बिछाए रहे। सोमवार को भरत मिलाप की तैयारी को शाम पांच बजे तक अंतिम रूप दिया गया। सूर्यास्त होते पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा। विद्युत मंडल की तरफ से शहर को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। भंगवाचुंगी से सदर बाजार व जेल रोड से  घंटाघर होते हुए कचहरी रोड को झालर व ट्यूबलाइटों से सजाया गया था। सबसे आकर्षक नजारा भगवान राम और भरत मिलाप के ऐतिहासिक स्थल घंटाघर चौराहे का रहा। टिमटिमाती झालरों, रंग बिरंगी रोशनी से से चौक की छटा देखते बन रही थी। शाम करीब 7 बजे के बाद शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं का रेला दिखने लगा। उधर झांकी मंचन की तैयारी को लेकर रामदल, हनुमानदल, लवकुश दल, भरत दल के सभी मंडल जुटे रहे। सबसे ज्यादा झांकियां हनुमान दल में रहीं। रात करीब 8 बजे के करीब भरत दल के कीर्ति मंडल द्वारा भरत-शत्रुघ्न की भव्य झांकी निकली। गाजे-बाजे के साथ बग्घी पर सवार भक्तराज भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ घंटाघर पहुंचे तो दर्शन को भीड़ उमड़ पड़ी। यहां से झांकी भ्रमण को निकली। वहीं करीब 10 बजे रात हनुमानदल की ओर से झांकियां निकलना शुरू हुईं। जय हनुमान, जय-जय-जय हनुमान के भक्तिमय गीतों के बीच झांकियां सीधे घंटाघर पहुंची तो पूरा वातावरण भरत की भक्ति में लीन हो गया। देररात तक सभी दलों द्वारा झांकियों के निकलने का सिलसिला जारी रहा।
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