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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई राज्य विवि की परीक्षा
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एमडीपीजी कालेज से प्रयागराज राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
- फोटो : PRATAPGARH
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प्रतापगढ़। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार को अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं। परीक्षार्थियों को सीट ढूंढने में समस्या का सामना करना पड़ा। वहीं कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी भी देखने को मिली।
जिले के 68 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में स्नातक की परीक्षाएं शुरू हुईं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 से 12 जबकि दूसरी पाली की परीक्षा 2 से 5 बजे तक हुई। केंद्राध्यक्ष के साथ शिक्षकों ने गहन तलाशी लेने के बाद परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया। हालांकि कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। सीटिंग प्लान ठीक से चस्पा न किए जाने से परीक्षार्थी अपनी सीट नहीं ढूंढ पा रहे थे।
कई परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद सीट पर पहुंचे। वहीं कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी भी देखी गई। ऐसे में कम कक्ष निरीक्षकों वाले केंद्रों पर परीक्षार्थियों को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एमडीपीजी के जन सूचनाधिकारी डा. सीएन पांडेय ने बताया कि पहली पाली में 19 जबकि दूसरी पाली में 34 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। मंगलवार को अंग्रेजी, सैन्य विज्ञान, हिंदी साहित्य, भूगोल आदि विषयों की परीक्षाएं संपन्न हुईं।
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नोडल केंद्र दूर होने से हुई परेशानी
कई परीक्षा केंद्रों का नोडल केंद्र करीब 50 किमी दूर बना दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को प्रश्नपत्र प्राप्त करने के साथ ही उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। नोडल केंद्र दूर होने के कारण कई परीक्षा केंद्रों के कर्मचारी समय से उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जमा कर सके।
विवि ने बनाए 9 सचल दस्ते
नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए राज्य विश्वविद्यालय ने 9 सचल दस्ते बनाए हैं। सचल दस्तों ने जगह-जगह परीक्षा की स्थिति का जायजा लिया।
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जिले के 68 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में स्नातक की परीक्षाएं शुरू हुईं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 से 12 जबकि दूसरी पाली की परीक्षा 2 से 5 बजे तक हुई। केंद्राध्यक्ष के साथ शिक्षकों ने गहन तलाशी लेने के बाद परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया। हालांकि कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को काफी परेशानी हुई। सीटिंग प्लान ठीक से चस्पा न किए जाने से परीक्षार्थी अपनी सीट नहीं ढूंढ पा रहे थे।
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कई परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद सीट पर पहुंचे। वहीं कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी भी देखी गई। ऐसे में कम कक्ष निरीक्षकों वाले केंद्रों पर परीक्षार्थियों को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एमडीपीजी के जन सूचनाधिकारी डा. सीएन पांडेय ने बताया कि पहली पाली में 19 जबकि दूसरी पाली में 34 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। मंगलवार को अंग्रेजी, सैन्य विज्ञान, हिंदी साहित्य, भूगोल आदि विषयों की परीक्षाएं संपन्न हुईं।
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नोडल केंद्र दूर होने से हुई परेशानी
कई परीक्षा केंद्रों का नोडल केंद्र करीब 50 किमी दूर बना दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को प्रश्नपत्र प्राप्त करने के साथ ही उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। नोडल केंद्र दूर होने के कारण कई परीक्षा केंद्रों के कर्मचारी समय से उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जमा कर सके।
विवि ने बनाए 9 सचल दस्ते
नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए राज्य विश्वविद्यालय ने 9 सचल दस्ते बनाए हैं। सचल दस्तों ने जगह-जगह परीक्षा की स्थिति का जायजा लिया।