{"_id":"5c9fc52fbdec2239135ebe60","slug":"election-of-kunda-and-kaushambi","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंडा में होगी कौशाम्बी की लड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंडा में होगी कौशाम्बी की लड़ाई
Sun, 31 Mar 2019 01:09 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो,प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो,प्रतापगढ़
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 31 Mar 2019 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। कौशाम्बी संसदीय सीट की असली लड़ाई प्रतापगढ़ जिले में पड़ने वाले कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्रों में होगी। कौशाम्बी संसदीय सीट के लिए ताल ठोंक रहे प्रत्याशियों की तकदीर लिखने में इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा के सामने कुंडा के विधायक और पूर्वमंत्री राजाभैया से पार पाने की चुनौती होगी। राजाभैया के प्रभुत्व वाले इस इलाके में करीब 6,56,436 वोटरों को अपने पाले में करने के लिए हर दांवपेच आजमाए जाएंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी का समर्थन करने वाले राजाभैया ने इस बार खुद की पार्टी बना ली है। ऐसे में वह अपने इलाके में प्रभुत्व बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। इस सीट पर भाजपा, राजाभैया के जनसत्ता दल और सपा-बसपा गठबंधन के संभावित उम्मीदवार कौशाम्बी जिले के ही रहने वाले हैं। ऐसे में कुंडा के मतदाता उनका भाग्य लिखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
कौशाम्बी लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने वर्तमान सांसद विनोद सोनकर, जनसत्ता दल ने शैलेंद्र कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां से सपा-बसपा गठबंधन से इंद्रजीत सरोज को संभावित प्रत्याशी माना जा रहा है। तीनों ही कौशाम्बी जिले के निवासी होने के साथ अनुसूचित जाति के हैं। ऐसे में अनुसूचित जाति के वोटरों में सेंधमारी के लिए जोड़तोड़ करने के साथ पिछड़े और सवर्ण मतदाताओं को जोड़ने के लिए सियासत की बिसात पर हर दांव चले जाएंगे। असली लड़ाई प्रतापगढ़ के कुंडा और बाबागंज विधानसभा में होगी। बाबागंज में करीब 3,09,230 और कुंडा में तकरीबन 3,47,206 मतदाता हैं, जो निर्णायक की भूमिका में होंगे। विधानसभा चुनाव में लंबे समय से बाबागंज और कुंडा सीट पर राजाभैया का कब्जा रहा है। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर में विनोद सोनकर ने उनके किले में सेंध लगाने की कोशिश जरूर की थी।
2009 के लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले शैलेंद्र कुमार को राजाभैया का समर्थन मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। यह चुनाव इसलिए भी रोचक था कि पहली बार कौशाम्बी संसदीय सीट पर चुनाव हुआ था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर ने मोदी लहर में करीब 3,31,593 वोट पाकर विजय हासिल की थी। 2014 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से शैलेंद्र कुमार ने चुनाव लड़ा था, जिन्हें लभभग 2,88,746 और बसपा प्रत्याशी सुरेश पासी को करीब 2,01,196 मत मिले थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां फिर दिलचस्प लड़ाई देखने को मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कौशाम्बी लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने वर्तमान सांसद विनोद सोनकर, जनसत्ता दल ने शैलेंद्र कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां से सपा-बसपा गठबंधन से इंद्रजीत सरोज को संभावित प्रत्याशी माना जा रहा है। तीनों ही कौशाम्बी जिले के निवासी होने के साथ अनुसूचित जाति के हैं। ऐसे में अनुसूचित जाति के वोटरों में सेंधमारी के लिए जोड़तोड़ करने के साथ पिछड़े और सवर्ण मतदाताओं को जोड़ने के लिए सियासत की बिसात पर हर दांव चले जाएंगे। असली लड़ाई प्रतापगढ़ के कुंडा और बाबागंज विधानसभा में होगी। बाबागंज में करीब 3,09,230 और कुंडा में तकरीबन 3,47,206 मतदाता हैं, जो निर्णायक की भूमिका में होंगे। विधानसभा चुनाव में लंबे समय से बाबागंज और कुंडा सीट पर राजाभैया का कब्जा रहा है। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर में विनोद सोनकर ने उनके किले में सेंध लगाने की कोशिश जरूर की थी।
विज्ञापन
2009 के लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले शैलेंद्र कुमार को राजाभैया का समर्थन मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। यह चुनाव इसलिए भी रोचक था कि पहली बार कौशाम्बी संसदीय सीट पर चुनाव हुआ था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर ने मोदी लहर में करीब 3,31,593 वोट पाकर विजय हासिल की थी। 2014 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से शैलेंद्र कुमार ने चुनाव लड़ा था, जिन्हें लभभग 2,88,746 और बसपा प्रत्याशी सुरेश पासी को करीब 2,01,196 मत मिले थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां फिर दिलचस्प लड़ाई देखने को मिलेगी।
विज्ञापन