{"_id":"5da21d1e8ebc3e93b0397a01","slug":"eight-people-including-hardoi-s-head-constable-injured-in-the-fight-pratapgarh-news-ald257346894","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारपीट में हरदोई के हेडकांस्टेबल समेत आठ लोग घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मारपीट में हरदोई के हेडकांस्टेबल समेत आठ लोग घायल
विज्ञापन
marpeet
मारपीट में हरदोई थाना में तैनात हेड कांस्टेबल व रिटायर्ड दरोगा समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल पक्ष के एक युवक को थाने में ले जाकर बंद कर दिया।
मानधाता थाना के खुटहन सहेरूआ निवासी रिटायर्ड दरोगा शिवपाल का पड़ोसी से जमीन का विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर पड़ोसी कब्जा कर रहे थे। सूचना पर पहुंची मानधाता पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिवपाल सरोज का बेटा रा प्रताप सरोज हरदोई जनपद में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। वह घर आया था।
शनिवार शाम करीब पांच बजे पड़ोसी फिर से विवादित भूमि पर निर्माण कराने लगे। विरोध पर पड़ोसियों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार से रिटायर्ड दरोगा शिवपाल व उसके बेटे हेड कांस्टेबल रामप्रताप पर हमला बोल दिया।
विज्ञापन
शोर पर बीचबचाव करने पहुंची उसकी पत्नी विद्या देवी और बेटे अशोक कुमार, भाई गंगा प्रसाद, भयाहू मालती देवी, भतीजी कंचन और प्रिया को भी पीटकर घायल कर दिया। मारपीट की सूचना पर पहुंची मानधाता पुलिस गंगा प्रसाद को ही थाने उठा ले गई। खबर लिखे जाने तक घायल थाने में बैठे थे।
विज्ञापन
मानधाता थाना के खुटहन सहेरूआ निवासी रिटायर्ड दरोगा शिवपाल का पड़ोसी से जमीन का विवाद चल रहा है। विवादित भूमि पर पड़ोसी कब्जा कर रहे थे। सूचना पर पहुंची मानधाता पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिवपाल सरोज का बेटा रा प्रताप सरोज हरदोई जनपद में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। वह घर आया था।
विज्ञापन
शनिवार शाम करीब पांच बजे पड़ोसी फिर से विवादित भूमि पर निर्माण कराने लगे। विरोध पर पड़ोसियों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार से रिटायर्ड दरोगा शिवपाल व उसके बेटे हेड कांस्टेबल रामप्रताप पर हमला बोल दिया।
विज्ञापन
शोर पर बीचबचाव करने पहुंची उसकी पत्नी विद्या देवी और बेटे अशोक कुमार, भाई गंगा प्रसाद, भयाहू मालती देवी, भतीजी कंचन और प्रिया को भी पीटकर घायल कर दिया। मारपीट की सूचना पर पहुंची मानधाता पुलिस गंगा प्रसाद को ही थाने उठा ले गई। खबर लिखे जाने तक घायल थाने में बैठे थे।