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मलेरिया से ज्यादा कहर बरपा रहा डेंगू
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dengu
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जिले में इस बार मलेरिया से ज्यादा डेंगू का कहर है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक, जनवरी से अब तक 86556 लोगों की मलेरिया की जांच हुई। इसमें सिर्फ पांच लोग पीड़ित मिले, जबकि डेंगू के अभी तक 39 मरीज मिल चुके हैं।
जनवरी 2021 से मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मामले सामने आने शुरू हो गए थे। शासन ने कोरोना के बाद मलेरिया और डेंगू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया। शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कागज पर संचारी रोग अभियान चलाया।
जनवरी से सितंबर के बीच में स्वास्थ्य विभाग ने 86556 लोगों की मलेरिया की जांच की। इसमें महज पांच लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई। हालांकि विभाग के ही कुछ अफसरों और कर्मचारियों ने बताया कि प्राइवेट पैथालॉजी में हुई जांच में कई गुुना ज्यादा मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। वहीं जिले में डेंगू के 39 केस सामने आ चुुुके हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मनोज खत्री का कहना है कि मलेरिया के मामले कम आना अच्छी बात है, लेकिन डेंगू के केस बढ़ना चिंताजनक है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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सीएमओ की फटकार से बीमार हुए मलेरिया अधिकारी नहीं लौटे
जिला मलेरिया अधिकारी की दो माह पहले सीएमओ ने जमकर क्लास लगाई थी। सीएमओ के चैंबर में ही उनकी हालत बिगड़ गई। सहयोगियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। दो माह बीत जाने के बाद भी जिला मलेरिया अधिकारी लौटकर अभी तक सीएमओ कार्यालय नहीं आए। इसको लेकर सीएमओ आफिस में तरह-तरह की चर्चा है।
बुखार से पीड़ित प्रत्येक मरीज की मलेरिया की जांच कराई जा रही है। अब तक जांच में जिले में महज पांच ही केस सामने आए हैं। मलेरिया के मरीज मिलने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। प्रदीप मिश्र, प्रभारी, जिला मलेरिया अधिकारी
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जनवरी 2021 से मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मामले सामने आने शुरू हो गए थे। शासन ने कोरोना के बाद मलेरिया और डेंगू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया। शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कागज पर संचारी रोग अभियान चलाया।
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जनवरी से सितंबर के बीच में स्वास्थ्य विभाग ने 86556 लोगों की मलेरिया की जांच की। इसमें महज पांच लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई। हालांकि विभाग के ही कुछ अफसरों और कर्मचारियों ने बताया कि प्राइवेट पैथालॉजी में हुई जांच में कई गुुना ज्यादा मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। वहीं जिले में डेंगू के 39 केस सामने आ चुुुके हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मनोज खत्री का कहना है कि मलेरिया के मामले कम आना अच्छी बात है, लेकिन डेंगू के केस बढ़ना चिंताजनक है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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सीएमओ की फटकार से बीमार हुए मलेरिया अधिकारी नहीं लौटे
जिला मलेरिया अधिकारी की दो माह पहले सीएमओ ने जमकर क्लास लगाई थी। सीएमओ के चैंबर में ही उनकी हालत बिगड़ गई। सहयोगियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। दो माह बीत जाने के बाद भी जिला मलेरिया अधिकारी लौटकर अभी तक सीएमओ कार्यालय नहीं आए। इसको लेकर सीएमओ आफिस में तरह-तरह की चर्चा है।
बुखार से पीड़ित प्रत्येक मरीज की मलेरिया की जांच कराई जा रही है। अब तक जांच में जिले में महज पांच ही केस सामने आए हैं। मलेरिया के मरीज मिलने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। प्रदीप मिश्र, प्रभारी, जिला मलेरिया अधिकारी