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जनपद में खुलेगा बधिरता अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:31 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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योगी सरकार ने जनपद में बधिरता अस्पताल की स्थापना करने के लिए 49.20 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस धनराशि से दिव्यांगों के लिए अलग से अस्पताल खुलेगा। यहां गर्भवती महिलाओं को टीका भी लगाया जाएगा। शासन का मानना है कि समय-समय पर टीका न लगने के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे मूकबधिर हो जाते हैं।
गर्भवती महिलाओ को समय-समय पर टीका न लगवाने के कारण उनके नौनिहाल बधिरता की चपेट में आ रहे हैं। इस पर काबू पाने के लिए योगी सरकार ने ताकत झोंक दी है। इसके तहत जिले में बधिरता अस्पताल खोलने के लिए शासन ने 49.20 लाख रुपये का बजट पास किया है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मानी जाए तो इस धनराशि से जहां बधिरता के लिए अलग से एक अस्पताल बनेगा वहीं जांच से लेकर इलाज के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी। जिससे इस बीमारी पर काबू पाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानी जाए तो इस धनराशि से जिला चिकित्सालय में मूक बधिरता की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों का प्रशिक्षण भी नए अस्पताल में दिया जाएगा।
योगी सरकार के आदेश पर बधिरता अस्पताल में संविदा पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इन कर्मचारियों को मूक बधिरता, बहरेपन की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जांच और प्रशिक्षण देने के लिए एक ऑडियोलॉजिस्ट, एक ऑडियोमैट्रिक असिस्टेंट और एक इंस्ट्रक्टर फार दी यंग हियरिंग इंपेयर्ड शामिल है। बधिरता की जांच के लिए एक साउंड प्रूफ कक्ष का निर्माण किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। टीका न लगवाने से उनके पेट में पल रहे नौनिहालों को होने वाली इस बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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शासन की ओर से बधिरता अस्पताल के निर्माण और ऐसे बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक मशीन खरीदने के साथ इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आदेश आया हैं। जल्द ही जिला अस्पताल परिसर में ही बधिरता अस्पताल की स्थापना की जाएगी। चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को खोज-खोजकर टीका लगाया जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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गर्भवती महिलाओ को समय-समय पर टीका न लगवाने के कारण उनके नौनिहाल बधिरता की चपेट में आ रहे हैं। इस पर काबू पाने के लिए योगी सरकार ने ताकत झोंक दी है। इसके तहत जिले में बधिरता अस्पताल खोलने के लिए शासन ने 49.20 लाख रुपये का बजट पास किया है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मानी जाए तो इस धनराशि से जहां बधिरता के लिए अलग से एक अस्पताल बनेगा वहीं जांच से लेकर इलाज के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी। जिससे इस बीमारी पर काबू पाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानी जाए तो इस धनराशि से जिला चिकित्सालय में मूक बधिरता की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों का प्रशिक्षण भी नए अस्पताल में दिया जाएगा।
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योगी सरकार के आदेश पर बधिरता अस्पताल में संविदा पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इन कर्मचारियों को मूक बधिरता, बहरेपन की जांच और इससे प्रभावित छोटे बच्चों के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जांच और प्रशिक्षण देने के लिए एक ऑडियोलॉजिस्ट, एक ऑडियोमैट्रिक असिस्टेंट और एक इंस्ट्रक्टर फार दी यंग हियरिंग इंपेयर्ड शामिल है। बधिरता की जांच के लिए एक साउंड प्रूफ कक्ष का निर्माण किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। टीका न लगवाने से उनके पेट में पल रहे नौनिहालों को होने वाली इस बीमारी के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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शासन की ओर से बधिरता अस्पताल के निर्माण और ऐसे बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक मशीन खरीदने के साथ इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आदेश आया हैं। जल्द ही जिला अस्पताल परिसर में ही बधिरता अस्पताल की स्थापना की जाएगी। चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को खोज-खोजकर टीका लगाया जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।