{"_id":"5bc8db91bdec2269827d419d","slug":"two-bighas-of-land-have-not-yet-become-the-cause-of-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं दो बीघा जमीन ही तो नहीं बन गई मौत की वजह","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कहीं दो बीघा जमीन ही तो नहीं बन गई मौत की वजह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
क्राइम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षक की हत्या की वजह कहीं दो बीघा जमीन तो नहीं बन गइ। महीने भर पहले मृतक ने मां से जमीन का बैनामा अपने नाम कराया था। पुलिस की जांच में शक की सुई भी पारिवारिक संपत्ति विवाद के इर्दगिर्द ही घूम रही है। लालगंज के पूरे दीनानाथ में घर के भीतर हुई शिक्षक की हत्या की वजह पुलिस खंगालने में जुट गई है। पुलिस की जांच व ग्रामीणाें की चर्चा में हत्या की वजह को पारिवारिक संपत्ति विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि कुछ वर्षों पहले अपने बेटे प्रेमशंकर वर्मा की नौकरी के नाम पर अमेठी के किसी व्यक्ति को पिता शीतलदीन वर्मा ने रिश्तेदाराें व परिचितों से उधार लेकर लाखों रुपये दिया दिया था। नौकरी तो नहीं मिली लेकिन उसका पैसा जरूर डूब गया। जब लोग उससे उधारी मांगने लगे तो मृतक के तीसरे नंबर के बेटे प्रेम शंकर वर्मा ने जमीन बेच कर उधारी चुकाने की सलाह पिता को दी। पिता ने धीरे धीरे जमीन बेच कर उधारी चुकाने लगा। इस बीच जमीन बेचने से मिली एक बड़ी रकम लेकर प्रेम शंकर फरार हो गया। इसके बाद शीतलदीन के चारों बेटों में खींचतान बढ़ गई।
बटवारे के बाद अपने हिस्सा लेकर बड़ा बेटा रमाशंकर वर्मा अपनी ससुराल में रहने लगा। जबकि दूसरे नंबर का पुत्र उमाशंकर वर्मा परिवार के साथ दिल्ली चला गया। पैसा हड़पकर भागने वाला तीसरे नंबर का बेटा प्रेम शंकर भी साल भर से घर आना बंद कर दिया, तो उसकी बच्चों को लेकर पत्नी मायके में रहने लगी। मृतक शिवशंकर वर्मा सबसे छोटा व अविवाहित था। वह माता पिता के साथ घर पर ही रहता था। उसने माह भर पहले अपनी मां के नाम दर्ज दो बीघे जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। इसके बाद से प्रेम शंकर और अधिक खिन्न रहने लगा। इस बीच बुधवार की देर रात शिव शंकर की घर के भीतर गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्या की गुथ्थी सुलझाने में पुलिस के शक की सुई पारिवारिक संपत्ति विवाद के इर्दगिर्द ही घूम रही है। पुलिस की जांच में पहला बिंदु भी यही है। पुलिस का जानकारी मिली है कि प्रेमशंकर का साल भर से चाल चलन भी ठीक नही है। पुलिस अब सिर्फ इस बात की जांच कर रही है कि हत्या किसी से कराई गई है या फिर परिवार का ही कोई सदस्य सीधे हत्याकांड में शामिल है। ग्रामीण भी परिवार के एक सदस्य पर ही हत्या में शामिल होने की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब हत्या के आरोप में परिवार के ही किसी सदस्य को गिरफ्तार कर ले। घर में पिता के नाम लाइसेंसी बंदूक भी है, जो घर में रखी मिली है।
लालगंज। शिक्षक की हत्या की जानकारी के बाद भी उसका भाई प्रेमशंकर वर्मा का घर न आना भी सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक प्रेमशंकर की लोकेशन भी लालगंज के आसपास आए दिन रहती थी। हत्या के दिन भी उसे लोग देखे जाने की बात पुलिस को बताए हैं। इससे पारिवारिक सदस्य पर ही संपत्ति के विवाद में हत्या की आशंका को बल मिल रहा है।
विज्ञापन
शिवशंकर की हत्या किसने की यह तो अभी जांच का विषय है, लेकिन जिस तरह से घर में घुसकर हत्या की गई है। उससे साफ है कि हत्यारा बेहद करीबी है। हत्या करने वाला मृतक के साथ ही आता है। दोनाें कमरे में साथ जाते हैं और कपड़े उतार कर कुछ देर आपस में बातें भी करते हैं। बातचीत के दौरान ही गोली मारने के बाद हत्यारा मृतक की बाइक लेकर ही फरार हो जाता है। ऐसे में साफ है कि हत्यारा परिवार का बेहद नजदीकी है। यह भी हो सकता है कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराना इसी नजदीकी को बचाने का हिस्सा हो।
विज्ञापन
बटवारे के बाद अपने हिस्सा लेकर बड़ा बेटा रमाशंकर वर्मा अपनी ससुराल में रहने लगा। जबकि दूसरे नंबर का पुत्र उमाशंकर वर्मा परिवार के साथ दिल्ली चला गया। पैसा हड़पकर भागने वाला तीसरे नंबर का बेटा प्रेम शंकर भी साल भर से घर आना बंद कर दिया, तो उसकी बच्चों को लेकर पत्नी मायके में रहने लगी। मृतक शिवशंकर वर्मा सबसे छोटा व अविवाहित था। वह माता पिता के साथ घर पर ही रहता था। उसने माह भर पहले अपनी मां के नाम दर्ज दो बीघे जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। इसके बाद से प्रेम शंकर और अधिक खिन्न रहने लगा। इस बीच बुधवार की देर रात शिव शंकर की घर के भीतर गोली मार कर हत्या कर दी गई। हत्या की गुथ्थी सुलझाने में पुलिस के शक की सुई पारिवारिक संपत्ति विवाद के इर्दगिर्द ही घूम रही है। पुलिस की जांच में पहला बिंदु भी यही है। पुलिस का जानकारी मिली है कि प्रेमशंकर का साल भर से चाल चलन भी ठीक नही है। पुलिस अब सिर्फ इस बात की जांच कर रही है कि हत्या किसी से कराई गई है या फिर परिवार का ही कोई सदस्य सीधे हत्याकांड में शामिल है। ग्रामीण भी परिवार के एक सदस्य पर ही हत्या में शामिल होने की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब हत्या के आरोप में परिवार के ही किसी सदस्य को गिरफ्तार कर ले। घर में पिता के नाम लाइसेंसी बंदूक भी है, जो घर में रखी मिली है।
विज्ञापन
लालगंज। शिक्षक की हत्या की जानकारी के बाद भी उसका भाई प्रेमशंकर वर्मा का घर न आना भी सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक प्रेमशंकर की लोकेशन भी लालगंज के आसपास आए दिन रहती थी। हत्या के दिन भी उसे लोग देखे जाने की बात पुलिस को बताए हैं। इससे पारिवारिक सदस्य पर ही संपत्ति के विवाद में हत्या की आशंका को बल मिल रहा है।
विज्ञापन
शिवशंकर की हत्या किसने की यह तो अभी जांच का विषय है, लेकिन जिस तरह से घर में घुसकर हत्या की गई है। उससे साफ है कि हत्यारा बेहद करीबी है। हत्या करने वाला मृतक के साथ ही आता है। दोनाें कमरे में साथ जाते हैं और कपड़े उतार कर कुछ देर आपस में बातें भी करते हैं। बातचीत के दौरान ही गोली मारने के बाद हत्यारा मृतक की बाइक लेकर ही फरार हो जाता है। ऐसे में साफ है कि हत्यारा परिवार का बेहद नजदीकी है। यह भी हो सकता है कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराना इसी नजदीकी को बचाने का हिस्सा हो।