{"_id":"58446a114f1c1be021a86904","slug":"theives-theft-50-dap","type":"story","status":"publish","title_hn":"चलती मालगाड़ी से ले उड़े 50 बोरी डीएपी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चलती मालगाड़ी से ले उड़े 50 बोरी डीएपी
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे की लाल झंडी
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से सुर्खी साइडिंग की तरफ धीमी गति से जा रही मालगाड़ी के एक वैगन का लॉक तोड़कर बदमाशों ने करीब पचास बोरी डीएपी गायब कर दी। खाद की कीमत साठ से सत्तर हजार बताई जा रही है। जिम्मेदार लोग दो दिनों तक घटना पर पर्दा डाले रहे। किसी को खबर तक नहीं हो पाई। रविवार को पूछने पर जीआरपी ने दावा कि उसने करीब 35 बोरी खाद बरामद कर ली है। मगर इसको चुराने वाले कौन लोग थे, बोरियां वहां कैसे पहुंची, मालगाड़ी के वैगन का लॉक कैसे टूटा, इसका जवाब न तो जीआरपी के पास था और न ही आरपीएफ के पास।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि घटना उस समय हुई जब मालगाड़ी सुर्खी साइडिंग पर डीएपी उतारने के लिए प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से जा रही थी। स्पीड धीमी थी। इसका फायदा उठाकर उचक्के उसमें चढ़ गए। चर्चा है कि वैगन के गेट में लगी सील तोड़कर अंदर घुस गए और एक के बाद एक पचास बोरी डीएपी उतार ली। विश्वस्त सूत्रों का कहना है आधी रात के वक्त हुई इस घटना की जानकारी जीआरपी, आरपीएफ के अलावा खाद की ढुलाई में लगे जिम्मेदार लोगों को थी। घटना के बाद सबने चुप्पी साध ली है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ रेलकर्मियों ने बताया कि जीआरपी और आरपीएफ के थाने तक खाद की बोरियां गई हैं। मगर पुलिस पूरा मामला पचा गई। एसओ जीआरपी वीके सिंह ने स्वीकारा कि डीएपी खाद चोरी हुई है। खाद की बोरियां मालगोदाम की तरफ रेलवे लाइन के किनारे फेंकी हुई मिली थीं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को करीब 35 खाद की बोरियां मिली हैं। उनको रखवा दिया गया है।
बोरियां रेलवे लाइन के किनारे कैसे पहुंच गईं, इस बारे में उन्हें नहीं पता है। ठेकेदार और ट्रक चालक की मिलीभगत हो सकती है। खाद को न तो कोई पूछने आ रहा है और न ही किसी ने गुमशुदगी ही दर्ज कराई है। इसलिये लावारिस वस्तु समझकर इसको रखवा दिया गया है। पड़ताल चल रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि घटना की रात मालगाड़ी प्लेस हुई थी। बस इसकी ही जानकारी है। वे उस रात लखनऊ में थे। इस बारे में उनको अपने थाने या जीआरपी वालों ने भी कुछ नहीं बताया है। घटना सुनने के बाद वे खुद हैरान हैं। जांच करवाई जाएगी।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि घटना उस समय हुई जब मालगाड़ी सुर्खी साइडिंग पर डीएपी उतारने के लिए प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से जा रही थी। स्पीड धीमी थी। इसका फायदा उठाकर उचक्के उसमें चढ़ गए। चर्चा है कि वैगन के गेट में लगी सील तोड़कर अंदर घुस गए और एक के बाद एक पचास बोरी डीएपी उतार ली। विश्वस्त सूत्रों का कहना है आधी रात के वक्त हुई इस घटना की जानकारी जीआरपी, आरपीएफ के अलावा खाद की ढुलाई में लगे जिम्मेदार लोगों को थी। घटना के बाद सबने चुप्पी साध ली है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ रेलकर्मियों ने बताया कि जीआरपी और आरपीएफ के थाने तक खाद की बोरियां गई हैं। मगर पुलिस पूरा मामला पचा गई। एसओ जीआरपी वीके सिंह ने स्वीकारा कि डीएपी खाद चोरी हुई है। खाद की बोरियां मालगोदाम की तरफ रेलवे लाइन के किनारे फेंकी हुई मिली थीं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को करीब 35 खाद की बोरियां मिली हैं। उनको रखवा दिया गया है।
विज्ञापन
बोरियां रेलवे लाइन के किनारे कैसे पहुंच गईं, इस बारे में उन्हें नहीं पता है। ठेकेदार और ट्रक चालक की मिलीभगत हो सकती है। खाद को न तो कोई पूछने आ रहा है और न ही किसी ने गुमशुदगी ही दर्ज कराई है। इसलिये लावारिस वस्तु समझकर इसको रखवा दिया गया है। पड़ताल चल रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि घटना की रात मालगाड़ी प्लेस हुई थी। बस इसकी ही जानकारी है। वे उस रात लखनऊ में थे। इस बारे में उनको अपने थाने या जीआरपी वालों ने भी कुछ नहीं बताया है। घटना सुनने के बाद वे खुद हैरान हैं। जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन