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पाकिस्तान में नहीं हूं कि पूजा करने के लिए अनुमति लूंगा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:07 AM IST
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न्यूज
मोहर्रम के दिन भंडारे पर प्रतिबंध और उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करने के बाद शेखपुर स्थित हनुमान मंदिर पर भारी फोर्स की तैनाती के बीच उनका एक कर्मचारी कोतवाल से बात करके पूजा करने पहुंच गया। इस दौरान उसने पूजा करने की अनुमति मांगी तो एसडीएम ने जिलाधिकारी से बात की। इसके बाद भी उसे आधे घंटे तक बैठाए रखा गया। जिलाधिकारी के आने के बाद उसे पूजा करने की अनुमति दी गई। पूजा के बाद उसने सभी अधिकारियों को प्रसाद दिया। हालांकि इसके बाद दो अन्य लोग पूजा करने के लिए आए, लेकिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
कुंडा के शेखपुर में हनुमान मंदिर पर भंडारे को लेकर प्रतिबंध लगाया गया था। पुलिस पूजा करने पर प्रतिबंध की बात से नकारती रही। इस पर उदय प्रताप सिंह के यहां काम करने वाले बेंती निवासी निर्भय सिंह ने मंदिर में पूजा करने की अनुमति मांगी। कोतवाल ने उसे बुलाया और फिर एसडीएम से पूजा करने देने की बात कही। एसडीएम ने जिलाधिकारी से बात की, लेकिन उसे रुकने के लिए कहा। करीब आधे घंटे वह जिलाधिकारी का इंतजार करता रहा। इस दौरान उसने कहा कि पूजा के लिए अगर रोक नहीं है तो किस बात की प्रतीक्षा की जा रही है, पूजा करने दी जाए। पाकिस्तान में तो हूं नहीं कि पूजा के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी। हालांकि आधे घंटे बाद जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और बात करने के बाद उन्होंने उसे पूजा करने की अनुमति दी। इस दौरान पुलिस उसका वीडियो बनाती रही और सीढ़ियों के पास डीएम, एसपी और सीडीओ खड़े रहे। बाद में उसने पूजा के बाद सभी अधिकारियों को प्रसाद भी दिया। बाद में शकरदहा के दो लोग पूजा करने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की और उन्हें वहां से जाने को कहा। कुछ देर बाद पुलिस कप्तान ने उन्हें गाड़ी में बैठाने का निर्देश दिया।
गुजरात से भंडारे की बात सुनकर पहुंचा युवक
कुंडा। लालगंज थाना क्षेत्र के ढिंगवस डेरवा निवासी सागर मिश्र गुजरात में रहता है। वह सोशल मीडिया पर भंडारे की जानकारी होने के बाद उसमें शामिल होने के लिए कुंडा पहुंचा। इसके बाद वह शेखपुर पहुंच गया। उसे अधिकारियों ने मीडियाकर्मी समझा और ध्यान नहीं दिया। इसके चलते उसने भी निर्भय सिंह के साथ पूजा की। उसने बताया कि उसे विश्वास था कि भंडारा होगा।
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कुंडा के शेखपुर में हनुमान मंदिर पर भंडारे को लेकर प्रतिबंध लगाया गया था। पुलिस पूजा करने पर प्रतिबंध की बात से नकारती रही। इस पर उदय प्रताप सिंह के यहां काम करने वाले बेंती निवासी निर्भय सिंह ने मंदिर में पूजा करने की अनुमति मांगी। कोतवाल ने उसे बुलाया और फिर एसडीएम से पूजा करने देने की बात कही। एसडीएम ने जिलाधिकारी से बात की, लेकिन उसे रुकने के लिए कहा। करीब आधे घंटे वह जिलाधिकारी का इंतजार करता रहा। इस दौरान उसने कहा कि पूजा के लिए अगर रोक नहीं है तो किस बात की प्रतीक्षा की जा रही है, पूजा करने दी जाए। पाकिस्तान में तो हूं नहीं कि पूजा के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी। हालांकि आधे घंटे बाद जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और बात करने के बाद उन्होंने उसे पूजा करने की अनुमति दी। इस दौरान पुलिस उसका वीडियो बनाती रही और सीढ़ियों के पास डीएम, एसपी और सीडीओ खड़े रहे। बाद में उसने पूजा के बाद सभी अधिकारियों को प्रसाद भी दिया। बाद में शकरदहा के दो लोग पूजा करने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की और उन्हें वहां से जाने को कहा। कुछ देर बाद पुलिस कप्तान ने उन्हें गाड़ी में बैठाने का निर्देश दिया।
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गुजरात से भंडारे की बात सुनकर पहुंचा युवक
कुंडा। लालगंज थाना क्षेत्र के ढिंगवस डेरवा निवासी सागर मिश्र गुजरात में रहता है। वह सोशल मीडिया पर भंडारे की जानकारी होने के बाद उसमें शामिल होने के लिए कुंडा पहुंचा। इसके बाद वह शेखपुर पहुंच गया। उसे अधिकारियों ने मीडियाकर्मी समझा और ध्यान नहीं दिया। इसके चलते उसने भी निर्भय सिंह के साथ पूजा की। उसने बताया कि उसे विश्वास था कि भंडारा होगा।
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