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एसटीएफ के जाल में नहीं फंस रहे हब्बू, राका और सद्दाम
pratapgarh
Updated Mon, 08 Oct 2018 11:57 PM IST
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bank robbery
- फोटो : अमर उजाला
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कोहड़ौर में व्यापारी भाइयों की हत्या और बैंक डकैती की सनसनीखेज घटना को अंजाम देने वाले शातिर बदमाश अंकुर उर्फ हब्बू, राका और स द्दाम एसटीएफ और पुलिस के हाथ नहीं लग रहे हैं। मुंबई में लोकेशन मिली तो पुलिस वहां की खाक छान रही है। सुलतानपुर में बैंक लूटने के बाद बदमाशों ने भुलियापुर और पूरे केशवराय में सई नदी के तट पर डेरा डाला था
कोहड़ौर में रंगदारी के रुपये न देने पर व्यापारी श्यामसुंदर और श्यामसूरत को गोलियों से भूनने के आरोपी शातिर बदमाश अंकुर उर्फ हब्बू और उसके साथी सद्दाम और गोंडा के रहने वाले राका उर्फ समीर की तलाश में भले ही एसटीएफ से लेकर पुलिस तक लगी है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही। बदमाशों ने सुलतानपुर में अपने रिश्तेदार के घर ठिकाना बना लिया था। वहां ठहरने के दौरान हब्बू ने सुलतानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के हरिहरगंज बैंक में लूट की घटना को अंजाम दिया। वहां से भागने के बाद सभी बदमाशों ने भुलियापुर और पूरे केशवराय में सई नदी के किनारे डेरा डाल रखा था।
तभी हब्बू के मौसेरे भाई गिरीवर रावत ने अंतू थाना क्षेत्र के जगेशरगंज ग्रामीण बैंक की जानकारी दी। चूंकि राका, सद्दाम और हब्बू मोबाइल का प्रयोग नहीं करते। जिसके चलते हब्बू ने पहले ही गिरीवर को बता दिया था वह 15 सितंबर को भुलियापुर में अपनी स्कापयो लेकर मिलेगा। 14 सितंबर को बैंक लूटने के बाद सभी बदमाशों ने भुलियापुर में सई नदी तट पर पनाह ली थी। गिरीवर के आने के बाद सभी भुलियापुर से 15 सितंबर को भोर में भागे थे। उन्हें पता था रात भर दबिश देने के बाद पुलिस सो रही होगी। काफी खोजबीन के बाद राका, सद्दाम और हब्बू की लोकेशन मुंबई मेें मिली। उन्हें पकडने के लिए एसटीएफ व पुलिस ने जाल बिछाया, लेकिन तीनों शातिर बदमाश उसमें नहीं फंसे।
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कोहड़ौर में व्यापारी भाइयों की हत्या करने व बैंक लूटने में शामिल तीनों शातिर एक लाख के ईनामी बदमाश एक साथ नहीं हैं। तीनों मोबाइल का प्रयोग नहीं करते। यदि परिवार के या दूसरे सदस्यों से बात करनी होती है तो दूसरे से मोबाइल मांग कर बात कर लेते हैं। राका ने अपने भाई फरीदउद्दीन को दूसरे के ही नंबर से फोन कर गिरीवर के पास भेजा था। एसटीएफ के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह की मानें तो नान्हू के पास कभी कभार हब्बू सरोज फोन करता था। लूट के रुपये राका, सद्दाम और हब्बू के पास है। घटना में शामिल सदस्यों को नाम मात्र का ही हिस्सा मिला है। पुलिस बरामद रुपये को लेकर हैरान है। बरामद 2 लाख 62 हजार रुपये सुलतानपुर बैंक के हैं या फिर अंतू ग्रामीण बैंक के, यह तो राका और हब्बू के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा।
डबल मर्डर और बैंक लूटने में शामिल बदमाशों की फरारी ने पुलिस को परेशान कर रखा है। बैंक लूट की घटना में शामिल तीन बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस अब फरार बदमाशों का घर कुर्क करने की तैयारी में जुट गई है। सीओ सिटी अंजनी राय की मानें तो घटना में फरार चल रहे शातिर बदमाशों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई चल रही है।
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कोहड़ौर में रंगदारी के रुपये न देने पर व्यापारी श्यामसुंदर और श्यामसूरत को गोलियों से भूनने के आरोपी शातिर बदमाश अंकुर उर्फ हब्बू और उसके साथी सद्दाम और गोंडा के रहने वाले राका उर्फ समीर की तलाश में भले ही एसटीएफ से लेकर पुलिस तक लगी है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पा रही। बदमाशों ने सुलतानपुर में अपने रिश्तेदार के घर ठिकाना बना लिया था। वहां ठहरने के दौरान हब्बू ने सुलतानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के हरिहरगंज बैंक में लूट की घटना को अंजाम दिया। वहां से भागने के बाद सभी बदमाशों ने भुलियापुर और पूरे केशवराय में सई नदी के किनारे डेरा डाल रखा था।
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तभी हब्बू के मौसेरे भाई गिरीवर रावत ने अंतू थाना क्षेत्र के जगेशरगंज ग्रामीण बैंक की जानकारी दी। चूंकि राका, सद्दाम और हब्बू मोबाइल का प्रयोग नहीं करते। जिसके चलते हब्बू ने पहले ही गिरीवर को बता दिया था वह 15 सितंबर को भुलियापुर में अपनी स्कापयो लेकर मिलेगा। 14 सितंबर को बैंक लूटने के बाद सभी बदमाशों ने भुलियापुर में सई नदी तट पर पनाह ली थी। गिरीवर के आने के बाद सभी भुलियापुर से 15 सितंबर को भोर में भागे थे। उन्हें पता था रात भर दबिश देने के बाद पुलिस सो रही होगी। काफी खोजबीन के बाद राका, सद्दाम और हब्बू की लोकेशन मुंबई मेें मिली। उन्हें पकडने के लिए एसटीएफ व पुलिस ने जाल बिछाया, लेकिन तीनों शातिर बदमाश उसमें नहीं फंसे।
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कोहड़ौर में व्यापारी भाइयों की हत्या करने व बैंक लूटने में शामिल तीनों शातिर एक लाख के ईनामी बदमाश एक साथ नहीं हैं। तीनों मोबाइल का प्रयोग नहीं करते। यदि परिवार के या दूसरे सदस्यों से बात करनी होती है तो दूसरे से मोबाइल मांग कर बात कर लेते हैं। राका ने अपने भाई फरीदउद्दीन को दूसरे के ही नंबर से फोन कर गिरीवर के पास भेजा था। एसटीएफ के निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह की मानें तो नान्हू के पास कभी कभार हब्बू सरोज फोन करता था। लूट के रुपये राका, सद्दाम और हब्बू के पास है। घटना में शामिल सदस्यों को नाम मात्र का ही हिस्सा मिला है। पुलिस बरामद रुपये को लेकर हैरान है। बरामद 2 लाख 62 हजार रुपये सुलतानपुर बैंक के हैं या फिर अंतू ग्रामीण बैंक के, यह तो राका और हब्बू के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा।
डबल मर्डर और बैंक लूटने में शामिल बदमाशों की फरारी ने पुलिस को परेशान कर रखा है। बैंक लूट की घटना में शामिल तीन बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस अब फरार बदमाशों का घर कुर्क करने की तैयारी में जुट गई है। सीओ सिटी अंजनी राय की मानें तो घटना में फरार चल रहे शातिर बदमाशों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई चल रही है।