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लेखपाल को पीटने वाले वकीलों पर एससीएसटी का केस
pratapgarh
Updated Wed, 17 Oct 2018 11:54 PM IST
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प्रतापगढ़। सदर तहसील में एसडीएम के सामने लेखपाल व वकीलों के बीच हुई मारपीट के मामले में कोतवाली पुलिस ने पांच नामजद व आठ अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा व अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया। जिला अस्पताल में डाक्टरी कराने पहुंचे घायल अधिवक्ता का मेडिकल नहीं हो सका। सीएमओ व जिला अस्पताल के सीएमएस ने यह कहते हुए हाथ खड़ा कर दिया कि डीएम का आदेश है कि बिना पुलिस की मजरूबी चिट्ठी के किसी का भी मेडिकल न किया जाए।
सदर तहसील में मंगलवार को मानधाता इलाके के एक प्रकरण को लेकर लेखपाल और वकीलों के बीच विवाद हो गया था। एसडीएम की मौजूदगी में लेखपाल और वकीलों से से मारपीट हुई थी। इस मामले में मंगलवार की देर रात कोतवाली पुलिस ने लेखपाल गिरिजाशंकर पांडेय की तहरीर पर अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली, अमित कुमार सिंह उर्फ चंचल सिंह, आशीष सिंह, बालेंदु भूषण सिंह, धीरेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू मिश्रा समेत आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। लेखपाल गिरिजा का आरोप है कि सदर तहसील में काम करते समय वकील विवेकदत्त मिश्र पाली तीन अन्य लोगों के साथ आए और जबरन संपूर्ण समाधान दिवस का प्रार्थना पत्र रिसीव कराने लगे। जबकि वह उसके क्षेत्र में नहीं था। बीचबचाव करने पर लेखपाल धर्मेंद्र खरवार, बलराम शुक्ल और शिवशंकर शुक्ल पर भी अपशब्दों की बौछार कर दी। जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया।
वह जान बचाकर एसडीएम सदर के चैंबर में आ गया। वहां तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदार भी बैठे थे। यहां भी विवेक के साथ पहुंचकर अन्य अधिवक्ताओं ने लोगों के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए चले गए। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली का आरोप है कि लेखपालों की पिटाई से उसे भी चोटेें आई हैं। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल तक नहीं किया गया। सीएमओ व सीएमएस ने मेडिकल करने से हाथ खड़ा कर दिया। बोले कि डीएम ने बिना पुलिस की मजरूबी चिट्टी के मेडिकल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बुधवार को बवाल की आशंका में सीओ सिटी अंजनी राय कोतवाली पहुंचे। काफी देर तक बैठने के बाद वह तहसील की गतिविधियों पर नजर रखा।
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सदर तहसील में मंगलवार को मानधाता इलाके के एक प्रकरण को लेकर लेखपाल और वकीलों के बीच विवाद हो गया था। एसडीएम की मौजूदगी में लेखपाल और वकीलों से से मारपीट हुई थी। इस मामले में मंगलवार की देर रात कोतवाली पुलिस ने लेखपाल गिरिजाशंकर पांडेय की तहरीर पर अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली, अमित कुमार सिंह उर्फ चंचल सिंह, आशीष सिंह, बालेंदु भूषण सिंह, धीरेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ गुड्डू मिश्रा समेत आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। लेखपाल गिरिजा का आरोप है कि सदर तहसील में काम करते समय वकील विवेकदत्त मिश्र पाली तीन अन्य लोगों के साथ आए और जबरन संपूर्ण समाधान दिवस का प्रार्थना पत्र रिसीव कराने लगे। जबकि वह उसके क्षेत्र में नहीं था। बीचबचाव करने पर लेखपाल धर्मेंद्र खरवार, बलराम शुक्ल और शिवशंकर शुक्ल पर भी अपशब्दों की बौछार कर दी। जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया।
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वह जान बचाकर एसडीएम सदर के चैंबर में आ गया। वहां तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदार भी बैठे थे। यहां भी विवेक के साथ पहुंचकर अन्य अधिवक्ताओं ने लोगों के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए चले गए। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली का आरोप है कि लेखपालों की पिटाई से उसे भी चोटेें आई हैं। जिला अस्पताल में उसका मेडिकल तक नहीं किया गया। सीएमओ व सीएमएस ने मेडिकल करने से हाथ खड़ा कर दिया। बोले कि डीएम ने बिना पुलिस की मजरूबी चिट्टी के मेडिकल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बुधवार को बवाल की आशंका में सीओ सिटी अंजनी राय कोतवाली पहुंचे। काफी देर तक बैठने के बाद वह तहसील की गतिविधियों पर नजर रखा।
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