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हालात बदतर, नहीं लगी भीड़ पर ब्रेक

Thu, 17 Nov 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Thu, 17 Nov 2016 11:56 PM IST
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satitution is not good
न्‍यूूज

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बैंकों में बढ़ती भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोगों को उम्मीद थी कि स्याही लगने के बाद लोगों की भीड़ कम होगी, लेकिन इसमें कोई कमी दिख नहीं रही है। बैंक के चक्कर लगाना दिनचर्या में शामिल हो गया है। यही नहीं सभी लोग हर दिन बैंक की तरफ ही भागते नजर आते हैं। बैंकों में कैश खत्म हो जा रहा है लेकिन लाइन है कि कम ही नहीं होती।
कस्बे में गुुरुवार को एचडीएफसी बैंक में लंबी लाइन लगी रही। पुरुषों के बराबर ही महिलाओं की भी लाइन थी। हालांकि 12 बजे कुछ दिव्यांग अलग लाइन लगवाने की मांग कर ही रहे थे कि बैंक का शटर गिर गया। पता चला कि बैंक का कैश खत्म हो गया। उधर, एसबीआई में कई दिनों से महिलाओं की दाल नहीं गल रही थी। गेट खुलते ही पुरुष एक दूसरे को धकियाते हुए अंदर घुसते थे। इसके चलते महिलाएं पीछे ही रह जाती थीं। पिछले गेट से महिलाओं का पैसा जमा करने के लिए गेट खोला गया लेकिन दोपहर बाद कुछ ही महिलाएं पैसा जमा कर पाईं। सामने सड़क तक लंबी लाइन लगी रही और बैंक का गेट बंद ही रहा। इलाहाबाद बैंक में भी धक्का-मुक्की चालू रही तो बैंक आफ बड़ौदा की लाइन दूसरी मंजिल से चलकर सड़क तक आ गई थी। उधर पहली बार एचडीएफसी का एटीएम रामलाल टंकी पर चला तो दो लाइन लंबी होती हुई सड़क तक पहुंच गई। पैसा निकलवाने के चक्कर में लोग जमकर हंगामा करते रहे।
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दोपहर एक बजे तक ठप रहा सर्वर, भटके लोग
पट्टी(ब्यूरो)। नगर मुख्यालय पर भारतीय स्टेट बैंक का सर्वर फेल होने के कारण दोपहर एक बजे तक पैसा बदलने व जमा करने का काम बंद रहा। बड़े नोटों की बंदी पर हर जगह फैली अफरातफरी व बाजारों का सन्नाटा बढ़ता ही जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण अंचल से  पैसा लेने आई जनता को हुआ जो पैसों को लेकर सुबह से बैंकों की कतार में लगी थी। नगर मुख्यालय पर बैंक ऑफ बड़ौदा व एसबीआई के सर्वर फेल होने के कारण दोपहर एक बजे तक लेन देन का काम नहीं हो सका। उससे ज्यादा दिक्कत डाकघरों को आई जब डाकघरों को भारतीय स्टेट बैंक से सर्वर फेल होने के कारण उन्हें पैसे नहीं दिए जा सके। ऐसे में बगैर कैश के पट्टी के डाकघर समेत ग्रामीण अंचल के 19 डाकघर पर पैसा बदलने का काम पूर्णतया ठप रहा। दोपहर तक हालत इतने बदतर हो गए कि पैसे के लिए कतार में सुबह से लगे लोगों में से कुछ खड़े रहने के कारण अचेत भी हुए।
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बीओबी रामापुर में हंगामा, नारेबाजी

गौरा(ब्यूरो)। एक हजार व पांच सौ की नोट बंद होने के बाद अब बैंक कर्मियों की खामियां उजागर हो रही हैं। गुरुवार को बैंक आफ बड़ौदा शाखा रामापुर में ग्राहकों ने हंगामा किया और  नियम से रुपये जमा करने व देने की मांग की।
बता दें कि रुपयों के लेन देन के लिए बैंकों में भीड़ उमड़ रही है। सुबह 7 बजे ही बैंकों में भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। मधवापुर गांव के धर्मेन्द्र शर्मा, आमापुर बेर्रा की कामिनी सिंह, गौरा के विनय सिंह व ललित पाण्डेय सहित सैकड़ों उपभोक्ता गुरुवार को बैंक  आफ बड़ौदा रामापुर में मैनेजर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप है कि बैंक में मनमानी खूब चल रही है। चहेतों वे बड़े लोगों को पहुंचते ही रूपये दे दिए जाते हैं। उनसे किसी भी प्रकार की पूछताछ भी नहीं की जाती। लेकिन आम जनता घंटों लाइन में लगने के बाद भी काउंटर से वापस लौटा दिया जाता है। वहीं रानीगंज कस्बे में किसी भी बैंकों में पैसा बदलने के नाम पर इंक नहीं लगाई जा रही है।


जिससे प्रतिदिन पैसा बदलने वाले की लंबी लाइन  लगी रहती है। बैंककर्मी इतने मनमाने हो गए है कि एक ही व्यक्ति को फर्जी आईडी पर हीं हजारों रूपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। यहां तक कि कुछ बैंकों में पुलिस की मिलीभगत से पर्सेंटेज पर पैसा बदला जा रहा है और पुलिस व्यवस्था को सुढृढ करने के बजाय ऐसे लोगों को अंदर तक पहुंचाने का काम करती है। इस बाबत शाखा प्रबंधक पंकज ने बताया कि इस समय कैश शार्ट की वजह से सबको संतुष्ट करना मुश्किल हो रहा है।
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