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शराब पकड़ते ही छिन गई थानेदारी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:27 PM IST
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आसपुर देवसरा एसओ अजीत पांडेय ने रविवार भोर में लाखों की अवैध शराब बरामद की। पुलिस टीम अधिकारियों की प्रशंसा के साथ ही इनाम का इंतजार कर रही थी। देर रात एसओ को पुलिस लाइन आमद करने का फरमान सुन पुलिसकर्मी चाैंक पड़े। हर ओर यही चर्चा होने लगी कि एक प्रभावशाली के दबाव के चलते एसओ को आनन-फानन में हटा दिया गया।
आसपुर देवसरा एसओ अजीत पांडेय ने रविवार को देवरखा से करीब 60 लाख की अवैध शराब हरियाणा व राजस्थान ब्रांड की बरामद की थी। इस मामले में देर शाम तक कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया था। पुलिस शराब तस्करों तक पहुंचने के लिए हाथ-पैर मारने के साथ ही सराहनीय कार्य करने के लिए पुलिस अफसरों की बधाई का इंतजार कर रही थी। देर रात एसपी माधव प्रसाद वर्मा ने एसओ अजीत पांडेय को लाइन में आमद करने का फरमान सुना दिया। उनके स्थान पर फतनपुर थाने के प्रभारी एसओ बालकृष्ण शुक्ला को भेजा गया। इस बात को लेकर सोमवार को दिनभर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
लोगों का कहना था कि अभी तक दरोगा अजीत पांडेय का गैरजनपद तबादला व जिले से संबंधता अधिकारियों को नहीं दिखी। शराब पकड़ते ही ऐसी नौबत कैसे आ गई। हालांकि पुलिस अधीक्षक का कहना है कि गैरजनपद तबादले के बाद भी वह जिले में बने हुए थे। ऐसी दशा में उन्हें रिलीव करने के लिए लाइन में आमद करने का आदेश दिया गया था। किसी के प्रभाव में कार्रवाई की बात गलत है।
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आसपुर देवसरा एसओ अजीत पांडेय ने रविवार को देवरखा से करीब 60 लाख की अवैध शराब हरियाणा व राजस्थान ब्रांड की बरामद की थी। इस मामले में देर शाम तक कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया था। पुलिस शराब तस्करों तक पहुंचने के लिए हाथ-पैर मारने के साथ ही सराहनीय कार्य करने के लिए पुलिस अफसरों की बधाई का इंतजार कर रही थी। देर रात एसपी माधव प्रसाद वर्मा ने एसओ अजीत पांडेय को लाइन में आमद करने का फरमान सुना दिया। उनके स्थान पर फतनपुर थाने के प्रभारी एसओ बालकृष्ण शुक्ला को भेजा गया। इस बात को लेकर सोमवार को दिनभर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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लोगों का कहना था कि अभी तक दरोगा अजीत पांडेय का गैरजनपद तबादला व जिले से संबंधता अधिकारियों को नहीं दिखी। शराब पकड़ते ही ऐसी नौबत कैसे आ गई। हालांकि पुलिस अधीक्षक का कहना है कि गैरजनपद तबादले के बाद भी वह जिले में बने हुए थे। ऐसी दशा में उन्हें रिलीव करने के लिए लाइन में आमद करने का आदेश दिया गया था। किसी के प्रभाव में कार्रवाई की बात गलत है।
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