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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Police reaching municipality to investigate Shuats director's case

शुआट्स निदेशक के मामले की जांच करने नगर पालिका पहुंची पुलिस

Thu, 15 Feb 2018 11:23 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 15 Feb 2018 11:23 PM IST
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फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में गुरुवार को कोतवाली पुलिस मकान की हकीकत खंगालने के लिए नगर पालिका पहुंची। लाइसेंस में दर्शाए गए पते की घंटों छानबीन करने में पुलिस माथापच्ची करती रही। पालिका के अभिलेख में कहीं भी शुआट्स के निदेशक का नाम दर्ज नहीं मिला। कुछ अभिलेख भी पुलिस अपने साथ ले गई।
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एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट नैनी इलाहाबाद में रहने वाले शुआट्स के निदेशक विनोद बिहारी लाल, वहीं के रहने वाले डॉ. आरबी लाल व एकेए लारेंस ने रिवॉल्वर, राबिन एल प्रसाद ने राइफल का लाइसेंस हासिल कर लिया था। यह लाइसेंस 19 अगस्त 2000 को सदर बाजार स्थित मकान नंबर 152 के पते से बनाया गया था। लाइसेंस जारी होने के लगभग साढ़े 11 साल बाद इलाहाबाद जनपद के स्टेनली रोड जजेज कालोनी निवासी राकेश कुमार द्विवेदी पुत्र कृष्णकांत द्विवेदी ने 27 मार्च 2012 को नगर कोतवाली में चारों लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि चारों लोग वर्ष 1980 से एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट परिसर में रह रहे हैं।
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इनका जन्म भी प्रतापगढ़ में नहीं हुआ है, बल्कि वह एटा के रहने वाले हैं। शस्त्र लाइसेंस का आवेदन करते समय सभी ने खुद को नगर कोतवाली के सदर बाजार के मकान नंबर 152 का निवासी बताया था। दर्ज मुकदमे की विवेचना करने वाले दरोगा एपी तिवारी ने 30 मार्च 2012 को ही फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में भेज दिया था। फिलहाल इलाहाबाद में शुआट्स के निदेशक के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ तो शस्त्र लाइसेंस के दर्ज मुकदमे की विवेचना फिर से प्रारंभ हो गई।
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इस मामले की विवेचना कोतवाली के दरोगा राजवकील मिश्र कर रहे हैं। गुरुवार को भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने सदर बाजार स्थित 152 मकान नंबर की हकीकत खंगाली। कई घंटे तक माथापच्ची करने के बाद वह कुछ कागजात लेकर लौटे। सदर बाजार स्थित 152 मकान नंबर बिट्टल देवी पत्नी सुंदरलाल के नाम दर्ज है। उन्होंने कुछ लोगों को मकान बेचा है। इसमें शुआट्स के निदेशक का नाम कहीं भी दर्ज नहीं है।
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