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Hisar News: लेंटर के नीचे दबने से ठेकेदार की गई जान
Wed, 21 Oct 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:45 AM IST
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हिसार। सेक्टर-14 में मंगलवार सुबह एक भवन को तोड़ते समय लेंटर के नीचे दबने से खेड़ी बर्की निवासी ठेकेदार मुकेश (28) की मौत हो गई। वह एक दिन पहले ही परिवार के साथ सालासर गया था और मंगलवार सुबह लौटने के बाद सीधे काम पर पहुंच गया।
हादसे की सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
अनाज मंडी चौकी के जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि मुकेश पुराने भवन तोड़ने का ठेका लेता था। उसने सेक्टर-14 में एक भवन तोड़ने का ठेका लिया हुआ था और वहां मजदूर भी लगाए थे। मंगलवार सुबह वह खुद लेंटर तोड़ रहा था। इसी दौरान लेंटर टूटकर लटक गया और मुकेश नीचे गिर गया। इसके बाद लेंटर उसके ऊपर आ गिरा। मुकेश के पिता महेंद्र के बयान पर पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
जेसीबी की मदद से उठाया लेंटर
मुकेश के रिश्तेदार मनीराम ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वह चंदन नगर से जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा। मुकेश का आधे से ज्यादा शरीर लेंटर के नीचे दबा हुआ था। जेसीबी की मदद से लेंटर उठाकर उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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पिता ने लेंटर तोड़ने से रोका था
मुकेश सुबह सालासर से लौटकर घर जाने के बजाय सीधे सेक्टर-14 पहुंच गया था। परिजनों ने उसे पहले घर जाकर आराम करने के लिए कहा था। उसके पिता महेंद्र ने भी लेंटर तोड़ने का काम बाद में करने की बात कही थी। मौके पर मौजूद मजदूरों ने भी उसे काम करने से रोका था।
बेटे को सेहरे में देखने का सपना टूटा
परिजन मुकेश के लिए रिश्ता देख रहे थे। माता-पिता बेटे को सेहरे में देखने का सपना संजोए हुए थे, लेकिन हादसे से उनका सपना टूट गया। मुकेश की एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है।
पांच करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़ा है भवन
जिस भवन को तोड़ा जा रहा था, वह कपड़ा व्यापारी सुभाष का है। पिछले दिनों इसी व्यापारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
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हादसे की सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
अनाज मंडी चौकी के जांच अधिकारी रविंद्र ने बताया कि मुकेश पुराने भवन तोड़ने का ठेका लेता था। उसने सेक्टर-14 में एक भवन तोड़ने का ठेका लिया हुआ था और वहां मजदूर भी लगाए थे। मंगलवार सुबह वह खुद लेंटर तोड़ रहा था। इसी दौरान लेंटर टूटकर लटक गया और मुकेश नीचे गिर गया। इसके बाद लेंटर उसके ऊपर आ गिरा। मुकेश के पिता महेंद्र के बयान पर पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
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जेसीबी की मदद से उठाया लेंटर
मुकेश के रिश्तेदार मनीराम ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वह चंदन नगर से जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा। मुकेश का आधे से ज्यादा शरीर लेंटर के नीचे दबा हुआ था। जेसीबी की मदद से लेंटर उठाकर उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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पिता ने लेंटर तोड़ने से रोका था
मुकेश सुबह सालासर से लौटकर घर जाने के बजाय सीधे सेक्टर-14 पहुंच गया था। परिजनों ने उसे पहले घर जाकर आराम करने के लिए कहा था। उसके पिता महेंद्र ने भी लेंटर तोड़ने का काम बाद में करने की बात कही थी। मौके पर मौजूद मजदूरों ने भी उसे काम करने से रोका था।
बेटे को सेहरे में देखने का सपना टूटा
परिजन मुकेश के लिए रिश्ता देख रहे थे। माता-पिता बेटे को सेहरे में देखने का सपना संजोए हुए थे, लेकिन हादसे से उनका सपना टूट गया। मुकेश की एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है।
पांच करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़ा है भवन
जिस भवन को तोड़ा जा रहा था, वह कपड़ा व्यापारी सुभाष का है। पिछले दिनों इसी व्यापारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।