फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Police in search of Habbu and Saddam

हब्बू व सद्दाम की तलाश में पुलिस की जोरदार दबिश

Thu, 29 Nov 2018 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Thu, 29 Nov 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
Police in search of Habbu and Saddam
crime amar ujala - फोटो : अमर उजाला
 जिले की पुलिस के लिए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश हब्बू पासी व सद्दाम सिरदर्द बने हुए हैं। उनकी तलाश में मंगलवार को रातभर छापेमारी की गई। एएसपी पूर्वी की अगुवाई में अमेठी व सुलतानपुर में भी दबिश देने के लिए पुलिस की टीमें पहुंचीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
विज्ञापन



कोहड़ौर के मदुरा रानीगंज निवासी हब्बू पासी व सद्दाम ने मिलकर कोहड़ौर के व्यापारी श्यामसुंदर व श्याममूरत को रंगदारी न देने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। सुलतानपुर में बैंक लूटने के बाद अंतू की बैंक लूट ली। सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने के बाद एसपी की स्पेशल टीम ने कोहड़ौर के अभिषेक सरोज को दबोचने के बाद घटनाओं का अनावरण किया। सुलतानपुर और जिले की पुलिस ने फरार चल रहे हब्बू पासी और सद्दाम के खिलाफ एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित कर दिया।
विज्ञापन



काफी दिनों से दोनों को दबोचने के लिए एसटीएफ और अमेठी, सुलतानपुर और प्रतापगढ़ की पुलिस पीछे लगी हुई थाी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एक सप्ताह पूर्व कोहड़ौर के लाखीपुर के प्रधान रामकुमार को धमकी देने के बाद सद्दाम व हब्बू की तलाश में पुलिस जुटी। यहां तक कि आईजी जोन मोहित अग्रवाल खुद हब्बू, सद्दाम , इंजमामुल हसन और आजाद के घर दबिश दी लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार की रात एएसपी अवनीश मिश्रा, सीओ सिटी अंजनी राय कोहड़ौर, नगर कोतवाली, कंधई पुलिस के साथ मदुरा रानीगंज, अमेठी व सुलतानपुर के कुछ गांवों में दबिश दी लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच में स्वाट टीम का गठन किया गया है। जिसकी कमान तेजतर्रार दरोगा व सिपाहियों के हाथों में सौंपी गई है लेकिन हकीकत यह है कि जिले के अपराधियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। हालिया घटनाओं के साथ ही पुराने घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने जितने भी टास्क स्वाट टीम को सौंपा। एक भी मामले का खुलासा करने में स्वाट टीम को कामयाबी नहीं मिली। केवल पुराने अपराधियों या फिर शातिर की सेटिंग से विरोधियों को बाइक चोरी में जेल भेजने तक ही स्वाट टीम सिमटकर रह गई। हब्बू व सद्दाम की तलाश में भी लगाया गया लेकिन उनकी परछाई तक वे नहीं पहुंचे। सूत्रों की मानें तो स्वाट टीम के कार्यों से पुराने कप्तान नाखुश थे और जल्द ही पूरी टीम को ही भंग करने की तैयारी की कवायद भी शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed