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युवक को जेल भेजने पर भड़के ग्रामीणों की पुलिस से तीखी झड़प

Tue, 20 Mar 2018 12:09 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 20 Mar 2018 12:09 AM IST
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Police fierce clash with villagers when they send prisoner to jail
प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
कंधई पुलिस द्वारा युवक को गोवध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजने पर भड़के ग्रामीणों ने सोमवार को नवागत पुलिस अधीक्षक का घेराव किया। पुलिसकर्मियों से ग्रामीणों की तीखी झड़प हुई। एसपी से मिलने जा रहीं महिलाओं को रोका गया। जिससे वह उग्र होकर नारेबाजी करने लगीं। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर इंसाफ मांगा। एसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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सकरा निवासी राम सिंह वर्मा पुत्र रामअंजोर वर्मा की बाजार में सब्जी की दुकान है। उसके भाई लाल बहादुर की मानें तो बाजार के राज अली और पप्पू ने राम सिंह को 10 हजार रुपये दरछुट बाजार में मवेशी के साथ पकड़े गए मैजिक चालक को देने के लिए दिए। राम सिंह रुपये लेकर दरछुट बाजार पहुंचा और मैजिक चालक को देने लगा। तभी कंधई थाने के सिपाही राकेश तिवारी ने उसे पकड़ लिया और बेवजह जमकर पीटा। बाद में उसे गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। सरेआम पिटाई का मामला उछला तो पुलिस अधीक्षक ने सिपाही राकेश तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया।
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राम सिंह को जेल भेजने से आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। नवागत एसपी को दुखड़ा सुनाने जा रहे ग्रामीणों को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। इसके बाद ग्रामीण पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। उनके बीच तीखी झड़प हुई। इससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। हंगामा होता देख एएसपी पूर्वी राकेश कुमार सिंह भागकर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। ग्रामीणों की मांग थी कि राम सिंह पर दर्ज मुकदमा तत्काल समाप्त किया जाए और उसे जेल से रिहा कराया जाए। नवागत एसपी संतोष कुमार सिंह ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बाद में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। शिकायती पत्र सौंपते हुए राम सिंह वर्मा पर दर्ज मुकदमे को वापस कराने की मांग करने लगे। इस मौके पर लाल बहादुर, सुरेश कुमार, संतोष कुमार, मंगू उर्फ राकेश, जैसराज, रामअवध समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुुंचकर प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों का आरोप था कि लाइन हाजिर सिपाही लगातार थाने में बना हुआ है। वह बराबर ग्रामीणों को धमका रहा है। रविवार को भी उसने राम सिंह के परिजनों को धमकाया था। लोगों ने मामले की शिकायत सदर विधायक संगमलाल गुप्ता से भी की।

नवागत पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के सामने कंधई पुलिस की करतूत सामने आई। एसपी के सामने लोगों ने कंधई पुलिस द्वारा बेगुनाह को जेल भेजने की बात बताई। कहा कि सिपाही ने उसे बर्बरतापूर्वक सरेआम पीटा। कंधई थानेदार से लेकर सिपाही तक रामसिंह को दोषी नहीं मान रहे थे। हालांकि बाद में उसका चालान कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच सीओ पट्टी को सौंपी है।


कंधई थाना क  सकरा गांव से रामसिंह के समर्थन में आई सीमा देवी प्रदर्शन के दौरान बेहोश हो गई। जिसे दूसरी महिलाओं ने संभाला। इस बीच उग्र ग्रामीण पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। हंगामे की खबर पर स्वाट टीम कार्यालय पहुंची और ग्रामीणों की वीडियो क्लिप बनाने लगी।
 
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