{"_id":"5b2fe81e4f1c1bf67a8b6f25","slug":"mother-in-the-grip-of-train-died-with-two-daughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन की चपेट में आकर मां की दो बेटियों समेत मौत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ट्रेन की चपेट में आकर मां की दो बेटियों समेत मौत
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
news
- फोटो : प्रतापगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंद रेल क्रासिंग पार करते समय सरयू एक्सप्रेस की चपेट में आकर मां व दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में बाइक से आगे निकला पति बाल-बाल बच गया। हादसे को देखकर प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप गई।
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल रविवार की सुबह पत्नी पुष्पा देवी (38) के साथ ससुराल कंधई थाना क्षेत्र के मरुआन के लिए बाइक से निकला। उसके साथ बेटी जाह्नवी (3) और तीन माह की दूसरी बेटी भी थी। जेल रोड क्रासिंग बंद होने के कारण राजकुमार पाल ने सभी को बाइक से नीचे उतार दिया। फाटक के नीचे से बाइक निकालने के बाद पूर्वी क्रासिंग पार करने लगा। उसके पीछे पत्नी बच्चों को लेकर चल रही थी। तभी चिलबिला की ओर से तेज रफ्तार गति से सरयू एक्सप्रेस आ गई। ट्रेन देखते ही बच्चों को लेकर पुष्पा आगे की ओर भागी, लेकिन वह ट्रेन के इंजन से टकरा गई। जोरदार चीख के साथ ही पुष्पा व बच्चियां हवा में उछलकर बीस मीटर आगे रेलवे लाइन पर जा गिरीं, जबकि पति बाल-बाल बच गया। घटनास्थल पर ही तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैक पर गिरने के बाद ट्रेन की चपेट में पुष्पा का दाहिना पैर आकर कट गया। ट्रेन रुकने के बजाय स्टेशन पर चली गई। घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी व आरपीएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। घटना से बदहवास पति राजकुमार का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर मिलने पर परिवारीजन भी रोते बिलखते अस्पताल पहुंच गए।
30 फीट ऊपर उछली थी महिला व बच्चे
तेज रफ्तार सरयू एक्सप्रेस से टकराने के बाद पुष्पा व उसके बच्चे हवा में 30 फीट ऊपर चले गए। मां से लिपटी मासूम बच्ची भी उससे हवा में ही अलग हो गई। इसके बाद तीनों दूर-दूर जा गिरे। शवों के टुकड़े काफी दूर तक फैले हुए थे। जिन्हे एकत्र करने में पुलिसकर्मियों को पसीना छूट गया।
विज्ञापन
शोर मचाते रहे लोग, बेटियों को बचाने में गंवा दी जान
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल रविवार की सुबह ससुराल जाने की खुशी में पूरी तैयारी से निकला था। ससुराल में वह कुछ दिनों रुकने के इरादे से घर से चला था। जेल रोड क्रासिंग पार करने के दौरान राजकुमार आगे तो पुष्पा बच्चों को लेकर पीछे चल रही थी। केबिन के करीब ट्रेन पहुंचने के बाद लोगों ने शोर मचाया लेकिन पुष्पा अपनी मासूम बेटियों को बचाने के चक्कर में फंस गई। एक बेटी को पुष्पा अपनी गोद में ली हुई थी, जबकि दूसरी बेटी जाह्नवी का हाथ पकड़ रखा था। लोगों के शोर मचाने पर आगे की ओर भागी। तभी ट्रेन की चपेट में आ गई और पल भर में राजकुमार की खुशियां गम में बदल गई।
ननिहाल में है बड़ी बेटी
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल की बड़ी बेटी बेबी की उम्र लगभग 12 साल है। वह अपने ननिहाल में ही रहती है। बेटी से मिलने के अलावा ससुराल के लोगों से मुलाकात करने के लिए राजकुमार रविवार को घर से निकला। वह ससुराल तो नहीं पहुंच सका लेकिन बेटी बेटी को अपनी मां व बहनों के अंतिम दर्शन के लिए घर जरूर आना पड़ा।
जल्दबाजी के फेर में चली गई जान
रेल क्रासिंग बंद होने के बावजूद अक्सर लोग क्रासिंग पार करने का प्रयास करते हैं। बाइक सवार की जल्दबाजी उसके पूरे परिवार के लिए काल बन गई। यदि बाइक सवार बंद रेल क्रासिंग पार न कर रहा होता तो शायद उसको अपनों से हमेशा के लिए जुदा न होना पड़ता।
विलंब से चल रही थी सरयू एक्सप्रेस
वैसे तो फैजाबाद से चलने वाली सरयू एक्सप्रेस के प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंचने का समय लगभग सात बजे हैं लेकिन रविवार को वह दो घंटे विलंब से चल रही थी। करीब नौ बजे वह चिलबिला स्टेशन छोडने के बाद प्रतापगढ़ की ओर रवाना हुई।
विज्ञापन
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल रविवार की सुबह पत्नी पुष्पा देवी (38) के साथ ससुराल कंधई थाना क्षेत्र के मरुआन के लिए बाइक से निकला। उसके साथ बेटी जाह्नवी (3) और तीन माह की दूसरी बेटी भी थी। जेल रोड क्रासिंग बंद होने के कारण राजकुमार पाल ने सभी को बाइक से नीचे उतार दिया। फाटक के नीचे से बाइक निकालने के बाद पूर्वी क्रासिंग पार करने लगा। उसके पीछे पत्नी बच्चों को लेकर चल रही थी। तभी चिलबिला की ओर से तेज रफ्तार गति से सरयू एक्सप्रेस आ गई। ट्रेन देखते ही बच्चों को लेकर पुष्पा आगे की ओर भागी, लेकिन वह ट्रेन के इंजन से टकरा गई। जोरदार चीख के साथ ही पुष्पा व बच्चियां हवा में उछलकर बीस मीटर आगे रेलवे लाइन पर जा गिरीं, जबकि पति बाल-बाल बच गया। घटनास्थल पर ही तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैक पर गिरने के बाद ट्रेन की चपेट में पुष्पा का दाहिना पैर आकर कट गया। ट्रेन रुकने के बजाय स्टेशन पर चली गई। घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी व आरपीएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। घटना से बदहवास पति राजकुमार का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खबर मिलने पर परिवारीजन भी रोते बिलखते अस्पताल पहुंच गए।
विज्ञापन
30 फीट ऊपर उछली थी महिला व बच्चे
तेज रफ्तार सरयू एक्सप्रेस से टकराने के बाद पुष्पा व उसके बच्चे हवा में 30 फीट ऊपर चले गए। मां से लिपटी मासूम बच्ची भी उससे हवा में ही अलग हो गई। इसके बाद तीनों दूर-दूर जा गिरे। शवों के टुकड़े काफी दूर तक फैले हुए थे। जिन्हे एकत्र करने में पुलिसकर्मियों को पसीना छूट गया।
विज्ञापन
शोर मचाते रहे लोग, बेटियों को बचाने में गंवा दी जान
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल रविवार की सुबह ससुराल जाने की खुशी में पूरी तैयारी से निकला था। ससुराल में वह कुछ दिनों रुकने के इरादे से घर से चला था। जेल रोड क्रासिंग पार करने के दौरान राजकुमार आगे तो पुष्पा बच्चों को लेकर पीछे चल रही थी। केबिन के करीब ट्रेन पहुंचने के बाद लोगों ने शोर मचाया लेकिन पुष्पा अपनी मासूम बेटियों को बचाने के चक्कर में फंस गई। एक बेटी को पुष्पा अपनी गोद में ली हुई थी, जबकि दूसरी बेटी जाह्नवी का हाथ पकड़ रखा था। लोगों के शोर मचाने पर आगे की ओर भागी। तभी ट्रेन की चपेट में आ गई और पल भर में राजकुमार की खुशियां गम में बदल गई।
ननिहाल में है बड़ी बेटी
अंतू थाना क्षेत्र के ईसीपुर निवासी राजकुमार पाल की बड़ी बेटी बेबी की उम्र लगभग 12 साल है। वह अपने ननिहाल में ही रहती है। बेटी से मिलने के अलावा ससुराल के लोगों से मुलाकात करने के लिए राजकुमार रविवार को घर से निकला। वह ससुराल तो नहीं पहुंच सका लेकिन बेटी बेटी को अपनी मां व बहनों के अंतिम दर्शन के लिए घर जरूर आना पड़ा।
जल्दबाजी के फेर में चली गई जान
रेल क्रासिंग बंद होने के बावजूद अक्सर लोग क्रासिंग पार करने का प्रयास करते हैं। बाइक सवार की जल्दबाजी उसके पूरे परिवार के लिए काल बन गई। यदि बाइक सवार बंद रेल क्रासिंग पार न कर रहा होता तो शायद उसको अपनों से हमेशा के लिए जुदा न होना पड़ता।
विलंब से चल रही थी सरयू एक्सप्रेस
वैसे तो फैजाबाद से चलने वाली सरयू एक्सप्रेस के प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंचने का समय लगभग सात बजे हैं लेकिन रविवार को वह दो घंटे विलंब से चल रही थी। करीब नौ बजे वह चिलबिला स्टेशन छोडने के बाद प्रतापगढ़ की ओर रवाना हुई।